
काडसर में अलेख महिमा अनुयायियों का भव्य नवान्न भक्षण, समानता और भाईचारे का दिखा अद्भुत संगम

काडसर। अनंत महिमा शक्ति सागर गौ सेवा केंद्र काडसर में अलेख महिमा परंपरा का पालन करने वाले हजारों अनुयायियों की मौजूदगी में भव्य नवान्न भक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। धार्मिक आस्था और सामाजिक समरसता से जुड़े इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान समानता, एकता और भाईचारे की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

शुक्रवार रात से शुरू हुआ धार्मिक आयोजन
कार्यक्रम की शुरुआत शुक्रवार रात्रि में जागरण के साथ हुई। अलेख महिमा के अनुयायियों ने रातभर अखंड धुनी प्रज्वलित कर भजन-कीर्तन किया। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से अलेख स्वामी का स्मरण करते हुए आध्यात्मिक वातावरण बनाया। देर रात तक चले भजन-कीर्तन और जागरण के कारण पूरा परिसर भक्तिमय माहौल में डूबा रहा।
ब्रह्म मुहूर्त में अर्पित किया गया नवान्न
जागरण के बाद ब्रह्म मुहूर्त में धार्मिक विधि-विधान के साथ सप्तामृत अर्पित किया गया। इसके बाद नवान्न चूड़ा को अलेख स्वामी को समर्पित किया गया। समर्पण की इस परंपरा के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद के रूप में नवान्न वितरित किया गया।
श्रीमंत उदयनाथ बाबा जी के हस्तों से अनुयायियों को नवान्न प्रदान किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने एक स्वर में “अलेख स्वामी” का जयघोष करते हुए नवान्न भक्षण किया। हजारों लोगों का एक साथ बैठकर नवान्न ग्रहण करना आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहा।
नवान्न भक्षण में दिखी समानता और सामाजिक समरसता
इस आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि नवान्न भक्षण के दौरान समानता और भाईचारे की भावना दिखाई दी। बड़ी संख्या में लोग एक साथ शामिल हुए और सामूहिक रूप से नवान्न ग्रहण किया। इससे सामाजिक एकता और आपसी सद्भाव का संदेश सामने आया।
आयोजन में शामिल श्रद्धालुओं के लिए नवान्न भक्षण केवल धार्मिक परंपरा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह आपसी प्रेम, सहयोग और सामाजिक समरसता का प्रतीक भी बना। पूरे कार्यक्रम में श्रद्धालुओं के बीच उत्साह और श्रद्धा का माहौल बना रहा।
नुआखाई मिलन समारोह का आयोजन
नवान्न भक्षण के बाद नुआखाई मिलन समारोह आयोजित किया गया। इसमें उपस्थित अनुयायियों ने एक-दूसरे से मुलाकात कर शुभकामनाएं दीं और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का संदेश दिया।
नुआखाई के इस मिलन समारोह में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक जुड़ाव और पारस्परिक सद्भाव का भाव भी देखने को मिला। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने आयोजन को यादगार बताते हुए इस प्रकार के सामूहिक आयोजनों को समाज में एकता और प्रेम बढ़ाने वाला बताया।
अलेख स्वामी के जयघोष से गूंजा परिसर
पूरे आयोजन के दौरान “अलेख स्वामी” के जयघोष से परिसर गूंजता रहा। भजन-कीर्तन, अखंड धुनी, नवान्न समर्पण और सामूहिक भक्षण ने कार्यक्रम को आध्यात्मिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से विशेष बना दिया।
कार्यक्रम के समापन पर सभी अनुयायियों और श्रद्धालुओं को विदाई दी गई। काडसर में आयोजित यह नवान्न भक्षण एवं नुआखाई मिलन समारोह धार्मिक आस्था के साथ समानता, एकता, सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश देने वाला आयोजन बनकर सामने आया।




