मैनपुर दौरे में दिखी सियासी तस्वीर: मंत्री दयालदास बघेल से कांग्रेस नेताओं ने की मुलाकात, क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर रखीं मांगें
मैनपुर दौरे में दिखी सियासी तस्वीर: मंत्री दयालदास बघेल से कांग्रेस नेताओं ने की मुलाकात, क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर रखीं मांगें

मैनपुर दौरे में दिखी सियासी तस्वीर: मंत्री दयालदास बघेल से कांग्रेस नेताओं ने की मुलाकात, क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर रखीं मांगें

मैनपुर। छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयालदास बघेल के मैनपुर प्रवास के दौरान क्षेत्र में एक अलग राजनीतिक तस्वीर देखने को मिली। मंत्री के दौरे के दौरान कांग्रेस के स्थानीय कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने उनसे मुलाकात कर क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को उनके सामने रखा। वहीं, स्वागत एवं मुलाकात के दौरान भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ताओं की अपेक्षित मौजूदगी नजर नहीं आने की चर्चा राजनीतिक हलकों में होती रही।
हालांकि, भाजपा कार्यकर्ताओं की गैरमौजूदगी को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है। ऐसे में इस संबंध में किसी तरह का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। बावजूद इसके, मंत्री के दौरे के दौरान सामने आई राजनीतिक तस्वीर स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय जरूर बनी रही।
कांग्रेस नेताओं ने मंत्री के सामने उठाए क्षेत्रीय मुद्दे
मंत्री दयालदास बघेल के मैनपुर प्रवास के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनसे मुलाकात कर क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया। कांग्रेस नेताओं ने ग्रामीण इलाकों में मूलभूत सुविधाओं, विकास कार्यों और आम जनता से जुड़े विभिन्न मुद्दों को मंत्री के समक्ष रखा।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना था कि मैनपुर क्षेत्र भौगोलिक रूप से काफी विस्तृत है और यहां बड़ी संख्या में ग्रामीण आबादी निवास करती है। क्षेत्र के कई गांवों में लोगों की जरूरतें स्थानीय स्तर पर पूरी नहीं हो पाती हैं। ऐसे में शासन और प्रशासन के स्तर पर ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ सुना जाना जरूरी है।
कार्यकर्ताओं ने मंत्री से मांग की कि क्षेत्र में जनहित से जुड़े मामलों पर संबंधित विभागों के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीणों को शासन की योजनाओं और मूलभूत सुविधाओं का बेहतर लाभ मिल सके।
विकास और मूलभूत सुविधाओं को लेकर हुई चर्चा
मंत्री के समक्ष कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र में सड़क, आवागमन, ग्रामीण विकास और अन्य जनसुविधाओं से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि मैनपुर जैसे दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्र में विकास कार्यों की गति बढ़ाने की आवश्यकता है।
ग्रामीण आबादी से जुड़े मुद्दों को लेकर कार्यकर्ताओं ने शासन स्तर पर प्रभावी पहल की मांग की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों की समस्याओं का समाधान होने से ग्रामीणों को राहत मिलेगी और विकास कार्यों को भी गति मिलेगी।
भाजपा कार्यकर्ताओं की गैरमौजूदगी बनी चर्चा
मंत्री दयालदास बघेल के दौरे के दौरान भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ताओं की अपेक्षित मौजूदगी दिखाई नहीं देने की बात भी स्थानीय राजनीतिक चर्चाओं में सामने आई। सामान्य तौर पर किसी मंत्री के क्षेत्रीय दौरे के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की मौजूदगी देखने को मिलती है। ऐसे में इस दौरे की तस्वीर को लेकर स्थानीय स्तर पर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं।
हालांकि, भाजपा कार्यकर्ताओं के कार्यक्रम में शामिल नहीं होने के पीछे क्या कारण रहा, इस संबंध में पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए उनकी अनुपस्थिति के कारणों को लेकर किसी भी तरह का दावा करना फिलहाल उचित नहीं होगा।
मंत्री से मुलाकात के दौरान कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष रामकृष्ण ध्रुव सहित शाहिद मेमन, तनवीर ठाकुर, गोंदू यादव, दुलेंद्र नेगी, लिकेश यादव और डोमर साहू समेत क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ता और सदस्य मौजूद रहे।
कांग्रेस नेताओं ने मंत्री का ध्यान क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं की ओर आकर्षित कराया और उनके निराकरण की मांग रखी। नेताओं ने उम्मीद जताई कि शासन स्तर पर इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
अब कार्रवाई पर रहेगी नजर
मैनपुर प्रवास के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा उठाए गए स्थानीय मुद्दों के बाद अब लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि इन समस्याओं के समाधान को लेकर शासन और संबंधित विभाग की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।
वहीं, मंत्री के दौरे के दौरान सामने आई राजनीतिक तस्वीर को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाओं का दौर भी जारी है। भाजपा कार्यकर्ताओं की अनुपस्थिति का वास्तविक कारण क्या था, यह पार्टी की ओर से स्पष्ट किए जाने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो सकेगी।
फिलहाल, मंत्री दयालदास बघेल के मैनपुर दौरे में कांग्रेस नेताओं द्वारा क्षेत्रीय समस्याओं को सामने रखना और भाजपा कार्यकर्ताओं की अपेक्षित मौजूदगी का नजर नहीं आना स्थानीय राजनीतिक घटनाक्रम का प्रमुख चर्चा बिंदु बना हुआ है।




