E-Paperगरियाबंदछत्तीसगढ़टॉप न्यूज़

सेवा सुरक्षा न्याय यात्रा के तहत गरियाबंद के पांचों विकासखंडों में शिक्षकों ने सौंपा ज्ञापन

सेवा सुरक्षा न्याय यात्रा के तहत गरियाबंद के पांचों विकासखंडों में शिक्षकों ने सौंपा ज्ञापन

प्रधान संपादक खिरसिन्दुर नागेश

सेवा सुरक्षा न्याय यात्रा के तहत गरियाबंद के पांचों विकासखंडों में शिक्षकों ने सौंपा ज्ञापन

जिला ब्यूरो हेमचंद नागेश कि रिपोर्ट

। शिक्षक साझा मंच के आह्वान पर संचालित “सेवा सुरक्षा, न्याय यात्रा” के तहत शनिवार को गरियाबंद जिले के पांचों विकासखंडों में प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों द्वारा धरना, रैली एवं ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित किया गया। शिक्षकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शासन-प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया।
जिले में कार्यक्रम का नेतृत्व छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन के जिलाध्यक्ष कुमेन्द्र कश्यप एवं जिला सचिव गणेश दुर्गा ने किया। मैनपुर विकासखंड में शिक्षकों द्वारा रैली निकालकर संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया। कार्यक्रम में ब्लॉक अध्यक्ष नीलाधर प्रधान सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
इसी प्रकार गरियाबंद विकासखंड में ब्लॉक अध्यक्ष तिलक यादव, छुरा में ब्लॉक अध्यक्ष धनंजय वर्मा, देवभोग में ब्लॉक अध्यक्ष अवनीश पात्र तथा फिंगेश्वर में ब्लॉक अध्यक्ष बीरेन्द्र कुमार ध्रुव के नेतृत्व में शिक्षकों ने अपने-अपने विकासखंड में ज्ञापन सौंपा।
TET की अनिवार्यता को लेकर शिक्षकों में नाराजगी
आंदोलन का प्रमुख मुद्दा सेवारत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता है। शिक्षकों का कहना है कि वर्षों से विद्यालयों में सेवाएं दे रहे शिक्षकों के सामने अचानक TET प्रमाणपत्र की अनिवार्यता का प्रश्न खड़ा हुआ है। ऐसे में सरकार एवं शिक्षा विभाग को सेवारत शिक्षकों के लिए परीक्षा की स्पष्ट एवं व्यावहारिक व्यवस्था उपलब्ध करानी चाहिए।
शिक्षकों ने मांग की कि यदि TET उत्तीर्ण करने के लिए वर्ष 2028 तक का अवसर उपलब्ध है, तो विभाग द्वारा परीक्षा की तिथियां, पर्याप्त अवसर तथा पूरी प्रक्रिया स्पष्ट रूप से जारी की जाए। साथ ही सेवारत शिक्षकों के लिए विशेष परीक्षा व्यवस्था किए जाने की मांग भी उठाई गई।
सेवा सुरक्षा और पदोन्नति की मांग
शिक्षकों का कहना है कि यह आंदोलन किसी अधिकारी या व्यक्ति के विरोध में नहीं, बल्कि शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, सम्मान और न्याय के लिए है। वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों की नौकरी एवं भविष्य को लेकर अनिश्चितता की स्थिति समाप्त करने की मांग की गई।
इसके साथ ही शिक्षकों ने वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति प्रक्रिया को TET की अनिवार्यता से प्रभावित नहीं करने, सेवारत शिक्षकों को पर्याप्त अवसर देने तथा विभागीय स्तर पर स्पष्ट आदेश जारी करने की मांग रखी।
शिक्षक साझा मंच ने प्रदेशभर के शिक्षकों से शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन में सहभागी बनने की अपील की है। मंच का कहना है कि “सेवा सुरक्षा, न्याय और सम्मान” केवल शिक्षकों का विषय नहीं, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है।

*हमारे यूट्यूब चैनल Deobhog news express को सब्सक्राइब करें*

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button
error: Content is protected !!