
जंगली हाथियों के आतंक से परेशान ग्रामीणों ने फूंका राज्य सरकार और वनमंत्री का पुतला
फसलों के नुकसान का उचित मुआवजा और हाथियों से सुरक्षा की मांग, गांव-गांव पुतला दहन की चेतावनी
मैनपुर। तहसील मुख्यालय मैनपुर से करीब 7 किलोमीटर दूर ग्राम बुड़ार में मंगलवार को जंगली हाथियों के आतंक और फसलों को हो रहे नुकसान से परेशान क्षेत्र के बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं किसान एकत्र हुए। ग्रामीणों ने पूर्व में की गई घोषणा के अनुसार राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए ग्राम बुड़ार के मुख्य चौक पर राज्य सरकार और वन मंत्री केदार कश्यप का पुतला दहन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी करते हुए हाथियों से सुरक्षा और फसलों के नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग उठाई।
ग्रामीणों का कहना है कि मैनपुर क्षेत्र के दर्जनों गांव लंबे समय से जंगली हाथियों की समस्या से प्रभावित हैं। हाथियों के झुंड द्वारा आए दिन खेतों में पहुंचकर फसलों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इससे किसानों की मेहनत और उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि फसल नुकसान के बाद वन विभाग द्वारा मिलने वाला मुआवजा बेहद कम है, जिसके कारण प्रभावित किसानों को पर्याप्त राहत नहीं मिल पा रही है।
पहले सौंपा था ज्ञापन, अब शुरू किया पुतला दहन
जिला पंचायत सदस्य श्रीमती लोकेश्वरी नेताम ने कहा कि क्षेत्र के दर्जनों गांवों के लोग जंगली हाथियों की समस्या से परेशान हो चुके हैं। हर साल हाथियों द्वारा किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने कुछ दिन पहले वन विभाग को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया था और चेतावनी दी थी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो गांव-गांव राज्य सरकार का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इसी घोषणा के तहत मंगलवार से ग्राम बुड़ार में पुतला दहन कर आंदोलन की शुरुआत की गई है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
पांचवीं अनुसूची और पेसा अधिनियम के पालन की मांग
इस दौरान जनपद सदस्य प्रताप मरकाम, युवराज नेताम और आदिवासी नेता महेंद्र नेताम ने कहा कि क्षेत्र में पांचवीं अनुसूची और पेसा अधिनियम के प्रावधानों का पूर्ण पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने जंगली हाथियों से ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ हाथियों के हमले से होने वाली जनहानि और फसल नुकसान के मामलों में प्रभावित परिवारों को उचित न्याय एवं राहत देने की मांग की।
ग्रामीण नेताओं ने कहा कि हाथियों की समस्या केवल फसल नुकसान तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे ग्रामीणों की सुरक्षा और जीवन पर भी खतरा बना रहता है। इसलिए वन विभाग और राज्य सरकार को हाथियों की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
सभी गांवों में पुतला दहन के बाद सौंपेंगे ज्ञापन
ग्रामीणों ने बताया कि आने वाले दिनों में क्षेत्र के अन्य गांवों में भी राज्य सरकार का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर ग्रामीणों की मांगों से अवगत कराया जाएगा।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में जंगली हाथियों से सुरक्षा के प्रभावी इंतजाम, फसलों के नुकसान का उचित मुआवजा, हाथियों से होने वाली जनहानि के मामलों में प्रभावित परिवारों को न्याय एवं सहायता तथा पांचवीं अनुसूची और पेसा अधिनियम का पूर्ण पालन शामिल है।
बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद
ग्राम बुड़ार में आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान जिला पंचायत सदस्य श्रीमती लोकेश्वरी नेताम, महेंद्र नेताम, युवराज नेताम, प्रताप मरकाम, अध्यक्ष अरमोतिन मरकाम, विवेकानंद दीवान, खमेश्वर नेताम, हेमबाई मरकाम, रमुलाबाई, आसमोतिन बाई, पुन्नीबाई, कुमारी बाई, हेमबाई, भागवती नागेश, बुद्धुराम, विष्णुराम, कंवल सिंह, गौकरण नागेश, चंद्रसेन, बिशेसर, चैनसिंग, पुष्पकमल, पालेश्वर, युधिष्ठिर सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के ग्रामीण एवं किसान मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने कहा कि जंगली हाथियों से लगातार हो रहे नुकसान को देखते हुए अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। उन्होंने प्रशासन और वन विभाग से किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान करने तथा सुरक्षा एवं मुआवजे को लेकर ठोस कार्रवाई की मांग की है।



