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डिलीवरी के कुछ घंटे बाद मां की मौत, अस्पताल में ताला!*

डिलीवरी के कुछ घंटे बाद मां की मौत, अस्पताल में ताला!*

प्रधान संपादक खिरसिन्दुर नागेश

डिलीवरी के कुछ घंटे बाद मां की मौत, अस्पताल में ताला!*

 

*पार्थ हॉस्पिटल पर परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप | मौत के बाद अस्पताल से जुड़े लोगों के चले जाने का दावा | स्वास्थ्य विभाग की निगरानी पर फिर उठे सवाल*

गुलाब जायसवाल ✍️📰*

प्रतापगढ़। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। रानीगंज क्षेत्र के राजापुर महोत्री गांव निवासी 26 वर्षीय खुशबू जायसवाल की डिलीवरी के कुछ ही घंटे बाद हालत बिगड़ने से मौत हो गई। परिजनों ने रानीगंज स्थित पार्थ हॉस्पिटल में इलाज के दौरान लापरवाही का आरोप लगाया है। महिला की मौत के बाद अस्पताल में ताला लगा मिलने और अस्पताल से जुड़े लोगों के मौके से चले जाने के दावे ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।

 

जानकारी के अनुसार आकाश जायसवाल की पत्नी खुशबू को रविवार सुबह प्रसव के लिए पार्थ हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के मुताबिक डिलीवरी के दौरान खुशबू ने एक बेटी को जन्म दिया। नवजात की किलकारी के बीच परिवार में खुशी का माहौल था, लेकिन करीब एक-दो घंटे बाद खुशबू की हालत अचानक बिगड़ने लगी।

 

परिजनों का आरोप है कि महिला की ब्लीडिंग नहीं रुक रही थी। अस्पताल की ओर से दो यूनिट खून की जरूरत बताई गई। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे जौनपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन महिला को लेकर जौनपुर निकले, लेकिन रास्ते में हालत और बिगड़ गई। इसके बाद उसे प्रतापगढ़ मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।

 

*मौत के बाद अस्पताल में ताला, विभाग की निगरानी पर सवाल*

 

सबसे बड़ा सवाल महिला की मौत से आगे स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर है। यदि निजी अस्पताल में गंभीर हालत वाली प्रसूता का उपचार किया जा रहा था तो वहां आवश्यक आपातकालीन सुविधाएं, प्रशिक्षित स्टाफ, ब्लड की व्यवस्था और रेफरल प्रोटोकॉल की स्थिति क्या थी?

 

और यदि अस्पताल में इलाज के दौरान गंभीर स्थिति बनी तो स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी कैसे नहीं हुई?

 

महिला की मौत के बाद पार्थ हॉस्पिटल में ताला मिला। परिजनों का दावा है कि अस्पताल से जुड़े लोग मौके से चले गए। ऐसे में अब स्वास्थ्य विभाग के सामने केवल जांच का सवाल नहीं, बल्कि अस्पताल की मान्यता, पंजीकरण, चिकित्सकीय स्टाफ, प्रसव संबंधी सुविधाओं और उपचार के पूरे रिकॉर्ड की जांच की जिम्मेदारी भी है।

 

*नवजात की किलकारी के बीच मातम*

 

खुशबू की शादी आकाश जायसवाल से 30 अप्रैल 2025 को हुई थी। आकाश खेती-बाड़ी करते हैं। शादी के करीब डेढ़ साल बाद परिवार में बेटी का जन्म हुआ, लेकिन बच्ची के जन्म के कुछ ही घंटे बाद मां की मौत ने पूरे परिवार को तोड़ दिया।

 

रानीगंज क्षेत्राधिकारी प्रशांत राज हुड्डा के अनुसार शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

 

अब असली परीक्षा स्वास्थ्य विभाग की है क्या जांच सिर्फ कागजों तक सीमित रहेगी या अस्पताल की व्यवस्थाओं और इलाज की पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच होगी? पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ अस्पताल के मेडिकल रिकॉर्ड, स्टाफ की मौजूदगी और उपचार के दौरान उठाए गए कदमों की जांच से ही साफ होगा कि आखिर खुशबू की मौत के पीछे वास्तविक कारण किया

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