जनप्रतिनिधियों के पांच साल के कार्यों के साथ पर्सनल इनकम की भी कराई जाए जांच, जनता की आवाज- आरटीआई एवं सामाजिक कार्यकर्ता राजीव नयन मिश्र एडवोकेट*
जनप्रतिनिधियों के पांच साल के कार्यों के साथ पर्सनल इनकम की भी कराई जाए जांच, जनता की आवाज- आरटीआई एवं सामाजिक कार्यकर्ता राजीव नयन मिश्र एडवोकेट*

*जनप्रतिनिधियों के पांच साल के कार्यों के साथ पर्सनल इनकम की भी कराई जाए जांच, जनता की आवाज- आरटीआई एवं सामाजिक कार्यकर्ता राजीव नयन मिश्र एडवोकेट*
प्रयागराज मंडल व्योरो प्रशांत दुबे
आज के परिदृश्य को देखकर कहना चाहता हूँ कि जनप्रतिनिधियों द्वारा जनता के विकास के लिए आए फंड की सही से निगरानी न किए जाने के कारण जनहित के कार्य सही रूप में पारदर्शी तरीके से नहीं हो पाते है। समाज में सिर्फ जातिवाद और व्यावहारिकता के नाम पर दिखावे की राजनीति के कारण जनहित कार्यों में भ्रष्टाचार होता है। अधिकतर देखा गया है कि जनप्रतिनिधियों का चुनाव जीतने के बाद जनहित कार्यों को ध्यान न देकर सिर्फ व्यक्तिगत हितलाभ में अपना रोल अदा करते हैं। सरकार जैसे जनता को नियम कानून का पालन करने के लिए न्याय व्यवस्था में लाती है उसी तरह जनप्रतिनिधियों के द्वारा कराए गए सभी जनहित कार्यों के साथ व्यक्तिगत आय की जांच करानी चाहिए। न्याय व्यवस्था की हिसाब से अंकुश लगाया जाना चाहिए। समाज हित सर्वोपरि, जनहित सर्वोपरि, राष्ट्रहित सर्वोपरि की भावना से कार्य करने की जरूरत है। समाज का हित होगा परिवार का हित होगा इस भावना के साथ जीवन जीने की कला को विकसित करने की जरूरत है। हमारी आपकी जागरूकता से हमारे समाज का समुचित विकास होगा। परिवर्तन की सोच एवं निःस्वार्थ भागीदारी से ही हमारे समाज का समुचित विकास होगा।




