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देवभोग वन क्षेत्र में भूस्खलन जैसी घटना, 8 से 10 एकड़ जंगल प्रभावित; अस्थिर चट्टानों से खतरे की आशंका

देवभोग वन क्षेत्र में भूस्खलन जैसी घटना, 8 से 10 एकड़ जंगल प्रभावित; अस्थिर चट्टानों से खतरे की आशंका

प्रधान संपादक खिरसिन्दुर नागेश

देवभोग वन क्षेत्र में भूस्खलन जैसी घटना, 8 से 10 एकड़ जंगल प्रभावित; अस्थिर चट्टानों से खतरे की आशंका

गरियाबंद/देवभोग। गरियाबंद जिले के देवभोग वन परिक्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच जंगल के एक बड़े हिस्से के खिसकने की घटना सामने आई है। इंदा गांव क्षेत्र के वन कक्ष क्रमांक 1293 में करीब 8 से 10 एकड़ जंगल क्षेत्र का हिस्सा ऊपर से नीचे की ओर खिसक गया। इस दौरान ढलान से बड़े-बड़े पत्थर भी नीचे आ गए।

घटना के बाद मौके पर जमीन में कई जगह दरारें दिखाई दे रही हैं। वहीं, ढलान पर कई बड़े पत्थर अब भी अस्थिर स्थिति में नजर आ रहे हैं। ऐसे में यदि बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो दोबारा भूस्खलन होने और चट्टानों के नीचे खिसकने की आशंका बनी हुई है। इससे जंगल के निचले हिस्से में रहने वाले लोगों के साथ-साथ वन्य जीवों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।

वन कटाई और अतिक्रमण पर भी उठे सवाल

भूस्खलन जैसी इस घटना के बाद क्षेत्र में पेड़ों की कटाई और अतिक्रमण को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जंगल के कुछ हिस्सों में अवैध कब्जे और खेती किए जाने की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं। हालांकि, जंगल का हिस्सा खिसकने का वास्तविक कारण क्या है, यह वन विभाग के स्थल निरीक्षण और तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र में इस तरह की यह पहली बड़ी घटना मानी जा रही है। करीब 8 से 10 एकड़ क्षेत्र प्रभावित होने से जंगल की प्राकृतिक संरचना पर भी असर पड़ा है।

तत्काल निरीक्षण की मांग

स्थानीय लोगों ने वन विभाग से मौके का तत्काल निरीक्षण कराने की मांग की है। साथ ही अस्थिर चट्टानों और ढलान वाले हिस्सों की स्थिति का जायजा लेने के साथ वन कटाई और अतिक्रमण संबंधी शिकायतों की भी जांच की मांग उठाई गई है।

लगातार बारिश के बीच यदि प्रभावित क्षेत्र में दोबारा जमीन या चट्टानों का खिसकना शुरू हुआ तो आसपास के क्षेत्र में खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में समय रहते सुरक्षा उपाय किए जाने की जरूरत है, ताकि किसी बड़ी घटना या जनहानि की स्थिति को रोका जा सके।

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