गरियाबंद
जहां आमतौर पर नेताओं का पैदल मार्च केवल दिखावा बनकर रह जाता है, वहीं गरियाबंद जिले की युवा और जुझारू CEO प्रखर चंद्राकर ने इसे जमीनी हकीकत जानने का वास्तविक प्रयास बना दिया।

जहां आमतौर पर नेताओं का पैदल मार्च केवल दिखावा बनकर रह जाता है, वहीं गरियाबंद जिले की युवा और जुझारू CEO प्रखर चंद्राकर ने इसे जमीनी हकीकत जानने का वास्तविक प्रयास बना दिया।

उन्होंने ध्रुवा गुड्डी से आमलीपदर तक पैदल मार्च कर क्षेत्र की विकास योजनाओं का मैदानी निरीक्षण किया।
4 साल से अधूरा पड़ा 7.40 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा सुखतेल नदी पुलिया और कुछ पंचायत के कार्य पर मन मुखी का आरोप,अब उनके संज्ञान में आया है।
एमजी एसोसिएट्स द्वारा निर्माणाधीन यह पुल पूरा न होने से ग्रामीण परेशान हैं।
CEO ने मौके पर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश और सुधार के आदेश।
ग्रामीणों में खुशी की लहर — लोग कर रहे हैं युवा CEO के जमीनी नेतृत्व की खुलकर तारीफ।
सुरेंद्र प्रताप सिंह जी,_ _आगामी विधानसभा क्षेत्र -247 विश्वनाथ गंज, प्रत्याशी_ आपके सौजन्य से आयोजित _"उड़ान-20 मेधा प्रतियोगिता"_ शिक्षा के उत्थान की दिशा में एक अनुकरणीय एवं दूरदर्शी पहल है। मेधावी छात्र-छात्राओं की प्रतिभा को पहचानकर, उन्हें साइकिल एवं निःशुल्क पंजीकरण के माध्यम से प्रोत्साहित करने का आपका यह संकल्प वास्तव में सराहनीय है। भावी नेतृत्वकर्ता के रूप में युवाओं के बौद्धिक विकास एवं उज्ज्वल भविष्य हेतु आपकी यह प्रतिबद्धता निःसंदेह समाज में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करेगी। इस पुनीत शैक्षिक अभियान की सफलता तथा आपके यशस्वी राजनीतिक भविष्य के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएं एवं मंगलकामनाएं। *प्रशांत दुबे (प्रभात)*




