गरियाबंद

जहां आमतौर पर नेताओं का पैदल मार्च केवल दिखावा बनकर रह जाता है, वहीं गरियाबंद जिले की युवा और जुझारू CEO प्रखर चंद्राकर ने इसे जमीनी हकीकत जानने का वास्तविक प्रयास बना दिया।

प्रधान संपादक खिरसिन्दुर नागेश प्रधान संपादक खिरसिन्दुर नागेश

 

 

जहां आमतौर पर नेताओं का पैदल मार्च केवल दिखावा बनकर रह जाता है, वहीं गरियाबंद जिले की युवा और जुझारू CEO प्रखर चंद्राकर ने इसे जमीनी हकीकत जानने का वास्तविक प्रयास बना दिया।

उन्होंने ध्रुवा गुड्डी से आमलीपदर तक पैदल मार्च कर क्षेत्र की विकास योजनाओं का मैदानी निरीक्षण किया।

4 साल से अधूरा पड़ा 7.40 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा सुखतेल नदी पुलिया और कुछ पंचायत के कार्य पर मन मुखी का आरोप,अब उनके संज्ञान में आया है।

एमजी एसोसिएट्स द्वारा निर्माणाधीन यह पुल पूरा न होने से ग्रामीण परेशान हैं।

CEO ने मौके पर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश और सुधार के आदेश।

ग्रामीणों में खुशी की लहर — लोग कर रहे हैं युवा CEO के जमीनी नेतृत्व की खुलकर तारीफ।

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