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गरियाबंद में उफनते नाले में फंसी 50 यात्रियों से भरी बस, रस्सी के सहारे सभी का रेस्क्यू

गरियाबंद में उफनते नाले में फंसी 50 यात्रियों से भरी बस, रस्सी के सहारे सभी का रेस्क्यू

प्रधान संपादक खिरसिन्दुर नागेश

गरियाबंद में उफनते नाले में फंसी 50 यात्रियों से भरी बस, रस्सी के सहारे सभी का रेस्क्यू

गरियाबंद। जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच सराईभदर के पास बड़ा हादसा टल गया। रायपुर से देवभोग जा रही करीब 50 यात्रियों से भरी यात्री बस उफनते नाले के तेज बहाव के बीच फंस गई। नाले में करीब चार फीट पानी और तेज बहाव के कारण बस में सवार यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस जवान और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और रस्सी के सहारे यात्रियों को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला। �

नेशनल हाईवे बंद होने के बाद बदला गया था रास्ता

जानकारी के मुताबिक यात्री बस रायपुर से देवभोग की ओर जा रही थी। लगातार बारिश के कारण नेशनल हाईवे पर आवागमन प्रभावित होने के बाद बस को मोहरा मार्ग से देवभोग ले जाने का प्रयास किया जा रहा था। इसी दौरान सराईभदर के पास तेज बहाव वाले नाले को पार करते समय बस पानी के बीच फंस गई। �

 

नाले में पानी का बहाव काफी तेज था और करीब चार फीट पानी होने के कारण बस के अंदर मौजूद यात्रियों में दहशत का माहौल बन गया। पानी का बहाव बढ़ने की स्थिति को देखते हुए यात्रियों को तत्काल सुरक्षित बाहर निकालना जरूरी हो गया।

पानी के बीच फंसी बस, यात्रियों में मची अफरा-तफरी

बस के नाले के बीच फंसने की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण और पुलिस जवान मौके पर पहुंचे। स्थिति को देखते हुए यात्रियों को बस से बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया।

तेज बहाव के कारण सीधे पानी में उतरकर यात्रियों को निकालना जोखिम भरा था। ऐसे में रस्सी का सहारा लेकर एक-एक यात्री को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया। करीब 50 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। �

पुलिस जवानों और ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा

रेस्क्यू के दौरान पुलिस जवानों के साथ स्थानीय ग्रामीण भी मदद के लिए आगे आए। पानी के तेज बहाव के बीच रस्सी को सुरक्षित तरीके से लगाकर यात्रियों को सहारा दिया गया और उन्हें धीरे-धीरे नाले के पानी से बाहर निकाला गया।

घटना के दौरान काफी देर तक मौके पर अफरा-तफरी का माहौल रहा। यात्रियों के सुरक्षित निकलने के बाद स्थिति सामान्य हुई। उपलब्ध स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार इस घटना में सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और समय रहते किए गए रेस्क्यू से बड़ा हादसा टल गया। �

 

लगातार बारिश से नदी-नालों में बढ़ा जलस्तर

गरियाबंद जिले में लगातार बारिश के कारण कई नदी-नाले उफान पर हैं और विभिन्न इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। जिले में पैरी, सोंढूर और अन्य नदियों-नालों का नेटवर्क होने के कारण भारी बारिश के दौरान कई निचले और जलभराव वाले मार्ग प्रभावित हो सकते हैं। जिला प्रशासन की आधिकारिक जानकारी के अनुसार गरियाबंद में मानसूनी बारिश मुख्य रूप से जून से सितंबर के बीच होती है और जुलाई-अगस्त में बारिश अधिक होती है। �

गरियाबंद

हालिया बारिश के दौरान गरियाबंद क्षेत्र में कई स्थानों पर आवागमन प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं। स्थानीय रिपोर्टों में देवभोग क्षेत्र के कई गांवों के संपर्क प्रभावित होने और नदी-नालों में जलस्तर बढ़ने का भी उल्लेख है। �

 

बारिश में नदी-नाले पार करने से बचने की जरूरत

सराईभदर की घटना ने एक बार फिर भारी बारिश के दौरान उफनते नदी-नालों और जलमग्न मार्गों पर अतिरिक्त सावधानी की जरूरत को सामने ला दिया है। पानी का बहाव ऊपर से सामान्य दिखाई देने के बावजूद अंदर से काफी तेज हो सकता है, जिससे वाहन के बहने या फंसने का खतरा रहता है।

ऐसे में जलभराव वाले मार्ग पर पानी कम होने का इंतजार करना और स्थानीय पुलिस-प्रशासन की सलाह के अनुसार ही आगे बढ़ना सुरक्षित माना जाता है।

फिलहाल इस घटना में करीब 50 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाले जाने की जानकारी है। पुलिस और ग्रामीणों की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया। �

 

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