
महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर वन्यजीव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, बाघ की खाल और पैंगोलिन स्केल के साथ 3 आरोपी गिरफ्तार
हेमचंद नागेश कि रिपोर्ट
‘ऑपरेशन सेफ पैसेज’ में केंद्रीय एजेंसियों, टाइगर रिजर्व और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई, बाघ गलियारे की सुरक्षा को मिली बड़ी सफलता
गरियाबंद_महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ अंतरराज्यीय सीमा पर संचालित वन्यजीव तस्करी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए संयुक्त टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन सेफ पैसेज’ के तहत की गई, जिसमें दो केंद्रीय एजेंसियों, दो टाइगर रिजर्व, वन विभाग और गरियाबंद पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की।
बाघ की खाल के साथ दो आरोपी गिरफ्तार

संयुक्त टीम ने महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा से बाबूराव मढ़ावी और बिजेश्वर गोंडाम को दो बाघों की खाल के साथ गिरफ्तार किया। इस मामले में पश्चिम भामरागढ़ वनमंडल में अपराध दर्ज कर दोनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
गरियाबंद से भी एक शिकारी दबोचा गया
इसी अभियान के दौरान इंद्रावती टाइगर रिजर्व की टीम ने बीजापुर जिले के ग्राम नेतानवाड़ा निवासी तुलसीराम मझी को भी गिरफ्तार किया। जांच में उसका संबंध वन्यजीव शिकार से जुड़ा पाया गया।
5 किलो पैंगोलिन स्केल बरामद, जांच में बड़ा खुलासा
आरोपी बिजेश्वर गोंडाम के घर की तलाशी में करीब 5 किलोग्राम पैंगोलिन (सेंगोलिन) के शल्क बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपी महाराष्ट्र पुलिस विभाग से जुड़े कर्मचारी हैं, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।
बाघ गलियारे की सुरक्षा पर फोकस
वन विभाग के अनुसार यह अभियान गढ़चिरौली-इंद्रावती-अबूझमाड़-उदंती-सीतानदी-सुनाबेड़ा तक फैले करीब 400 किलोमीटर लंबे बाघ गलियारे की सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। यह गलियारा बाघों समेत हाथी, गौर, जंगली भैंसा और अन्य वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
पहले भी मिल चुकी है सफलता
अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2023 में भी इसी तरह की कार्रवाई में दो बाघों की खाल जब्त कर अंतरराज्यीय शिकारी गिरोह का पर्दाफाश किया गया था। वहीं अप्रैल 2026 में अबूझमाड़ क्षेत्र में भारतीय विशाल गिलहरी का शिकार करने वाले आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया था।
वन विभाग का संदेश
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीव अपराधों के प्रति “जीरो टॉलरेंस” की नीति जारी रहेगी और भविष्य में भी संयुक्त अभियान चलाकर तस्करी तथा शिकार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।




