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जहां शिकार छूटा, वहां भाई ही बना निशाना! घुमरा पदर की घटना ने झकझोर दिया पूरा इलाका

जहां शिकार छूटा, वहां भाई ही बना निशाना! घुमरा पदर की घटना ने झकझोर दिया पूरा इलाका

प्रधान संपादक खिरसिन्दुर नागेश प्रधान संपादक खिरसिन्दुर नागेश

जहां शिकार छूटा, वहां भाई ही बना निशाना! घुमरा पदर की घटना ने झकझोर दिया पूरा इलाका

 

भाई बना शिकारी! तीर-कमान के हमले से भाई की हालत नाज़ुक, पीठ चीरते हुए आंख तक पहुंचा तीर ।

 

 

 

गरियाबंद जिले के अमलीपदर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गुमराहपदर से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने रिश्तों, इंसानियत और सामाजिक मूल्यों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस तीर-कमान का इस्तेमाल कभी जंगल में शिकार के लिए किया जाता था, उसी तीर-कमान से एक सगे भाई ने अपने ही भाई को मौत के मुंह तक पहुंचाने की कोशिश कर दी।

जानकारी के अनुसार कमार भुंजिया जनजाति के गन सिंह कमार पर उनके सगे भाई रज्जो कमार ने कथित रूप से तीर-कमान से जानलेवा हमला कर दिया। हमला इतना भीषण था कि तीर पीठ से शरीर के भीतर गहराई तक घुस गया और आँत तक पहुंच गया। घायल की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है।

 

घायल गन सिंह कमार को सबसे पहले 108 एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमलीपदर लाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल गरियाबंद रेफर किया गया। हालत में सुधार न होने पर चिकित्सकों ने तत्काल रायपुर रेफर कर दिया, जहां उनका इलाज जारी है।

 

घटना के दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे घायल के जीजा को भी आरोपी ने तीर-कमान से घायल कर दिया। उनका भी उपचार किया जा रहा है।

प्रारंभिक तौर पर विवाद की वजह आपसी या जमीन संबंधी विवाद बताई जा रही है, लेकिन क्या केवल इतना कारण किसी भाई को अपने ही भाई की जान लेने तक पहुंचा सकता है? या फिर इस घटना के पीछे कोई और गहरी वजह छिपी है? इन सभी पहलुओं पर अमलीपदर थाना पुलिस गंभीरता से जांच कर रही है।

 

घटना के बाद आरोपी रज्जो कमार फरार है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

 

 

समय बदल गया। कमार समाज ने जंगलों में शिकार करना लगभग छोड़ दिया, लेकिन विडंबना देखिए—आज शिकार कोई जंगली जानवर नहीं, बल्कि अपना ही सगा भाई बन गया। यह केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि रिश्तों के बिखरते विश्वास की दर्दनाक तस्वीर भी है।

एक तीर ने केवल शरीर को नहीं चीरा, बल्कि भाईचारे, पारिवारिक विश्वास और सामाजिक संवेदनाओं को भी घायल कर दिया। सवाल यह है कि क्या छोटी-छोटी बातों, जमीन या आपसी विवाद के लिए अब रिश्तों की कीमत इतनी सस्ती हो गई है कि भाई ही भाई का दुश्मन बन जाए?

अब पूरे मामले की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगी। फिलहाल पूरा क्षेत्र इस घटना से स्तब्ध है और सभी की निगाहें आरोपी की गिरफ्तारी तथा जांच के निष्कर्ष पर टिकी हुई हैं।

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