
गरियाबंद पुलिस को ऐतिहासिक सफलता दडईपानी पहाड़ियों से विस्फोटकों का जखीरा किया बरामद
गरियाबंद।
नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत गरियाबंद पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। विशेष संयुक्त अभियान के दौरान थाना मैनपुर अंतर्गत ग्राम दडईपानी के पहाड़ी क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा डम्प कर छुपाए गए विस्फोटक सामग्री, मोर्टार और भरमार बंदूक बरामद कर सुरक्षा बलों पर हमले की बड़ी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया है।
65 किलोमीटर अंदरूनी क्षेत्र में चला अभियान
जिला मुख्यालय से लगभग 65 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व दिशा में स्थित मैनपुर थाना क्षेत्र के दडईपानी पहाड़ी इलाकों में गरियाबंद जिला व ओडिशा के नुआपाड़ा जिले की सीमा से लगे दुर्गम क्षेत्रों में माओवादी गतिविधियों की पुख्ता सूचना मिलने पर 19 दिसंबर से 20 दिसंबर 2025 तक विशेष सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
संयुक्त बलों की सटीक कार्यवाही
इस अभियान में गरियाबंद की ई-30 टीम, एसटीएफ, 207 कोबरा, 16वीं वाहिनी सीएएफ एवं 65वीं बटालियन सीआरपीएफ की संयुक्त पार्टियां शामिल रहीं।
आसूचना के आधार पर नक्सलियों द्वारा पुलिस पार्टी को नुकसान पहुंचाने की नीयत से पहाड़ियों में छुपाकर रखे गए संदिग्ध डम्प की तलाश शुरू की गई।
सर्च के दौरान मिला खतरनाक जखीरा
सुरक्षा मापदंडों का पूरी तरह पालन करते हुए जब पहाड़ी के तराई क्षेत्र में सर्च किया गया, तब चट्टानों के बीच छुपाए गए प्लास्टिक ड्रम और स्टील डिब्बों से भारी मात्रा में घातक सामग्री बरामद की गई।
बरामद सामग्री में शामिल—
▪️ 01 नग कंपनी निर्मित मोर्टार
▪️ 22 नग मोर्टार सेल
▪️ 150 नग डेटोनेटर
▪️ 18 नग तीर बम
▪️ 01 नग भरमार बंदूक
▪️ आईईडी निर्माण की सामग्री एवं अन्य नक्सली सामान
बड़ी वारदात की थी तैयारी
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि प्रतिबंधित माओवादी संगठन डीजीएन डिवीजन के नक्सलियों द्वारा यह डम्प पुलिस पार्टी पर मोर्टार हमला करने और आईईडी विस्फोट के जरिए जान-माल का नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से तैयार किया गया था।
सतर्कता से टली बड़ी अनहोनी
गरियाबंद पुलिस और सुरक्षा बलों की मुस्तैदी व सटीक कार्रवाई से एक बड़े नक्सली हमले को टाल दिया गया, जिससे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा को मजबूती मिली है।




