पहले ही प्रयास में सेना में लेफ्टिनेंट बनी प्रतापगढ़ की बेटी*
पहले ही प्रयास में सेना में लेफ्टिनेंट बनी प्रतापगढ़ की बेटी*

*पहले ही प्रयास में सेना में लेफ्टिनेंट बनी प्रतापगढ़ की बेटी*
पुलिसकर्मी पिता की बेटी यशस्वी ने रचा सफलता का इतिहास, सेना के नर्सिंग कोर में हुआ चयन
रिपोर्ट: गुलाब जायसवाल ✍️📰*
प्रतापगढ़। रानीगंज में प्रतापगढ़ की बेटी यशस्वी ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पहले ही प्रयास में सेना के नर्सिंग कोर में लेफ्टिनेंट पद पर चयनित होकर उन्होंने परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। यशस्वी की सफलता की खबर मिलते ही परिवार और गांव में खुशी की लहर दौड़ गई।
पुलिसकर्मी पिता से मिली अनुशासन की सीख, बेटी ने मेहनत से हासिल किया मुकाम
प्रतापगढ़ मुख्यालय स्थित आबकारी मोड़ निवासी यशस्वी के पिता पुलिस विभाग में कार्यरत हैं और वर्तमान में चंदौली में तैनात हैं। मां गृहिणी हैं, जबकि भाई अभी पढ़ाई कर रहा है। परिवार के बीच पली-बढ़ी यशस्वी ने पढ़ाई को अपनी प्राथमिकता बनाया और बचपन से ही एक स्पष्ट लक्ष्य के साथ आगे बढ़ती रहीं।
आत्रेय एकेडमी से पढ़ाई, नीट की तैयारी के साथ सेना में जाने का सपना
यशस्वी ने कक्षा 12 तक की पढ़ाई आत्रेय एकेडमी से की। पढ़ाई के दौरान उन्होंने नीट की तैयारी भी शुरू की। लक्ष्य को लेकर उनकी गंभीरता और लगातार मेहनत ने उन्हें सफलता की राह पर आगे बढ़ाया। आखिरकार पहले ही प्रयास में सेना के नर्सिंग कोर में लेफ्टिनेंट पद पर चयन ने उनके सपने को हकीकत में बदल दिया।
दादा की खुशी का ठिकाना नहीं
पोती की इस उपलब्धि से यशस्वी के दादा बेहद खुश हैं। परिवार के लिए यह क्षण इसलिए भी खास है क्योंकि घर की बेटी ने सेना में अधिकारी बनकर परिवार का मान बढ़ाया है। यशस्वी के चयन की जानकारी मिलने के बाद रिश्तेदारों, परिचितों और क्षेत्र के लोगों की ओर से लगातार बधाइयां दी जा रही हैं।
बेटियों के लिए बनीं प्रेरणा
यशस्वी की कहानी उन बेटियों के लिए प्रेरणा है जो बड़े सपने देखती हैं और उन्हें पूरा करने के लिए लगातार मेहनत करती हैं। पहले ही प्रयास में सेना में लेफ्टिनेंट बनकर यशस्वी ने साबित कर दिया कि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत में कमी न हो तो सफलता का रास्ता खुद बनता है।




