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मैनपुर के सात प्राचीन मंदिरों के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव, 75 लाख रुपये की राशि की मांग

मैनपुर के सात प्राचीन मंदिरों के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव, 75 लाख रुपये की राशि की मांग

प्रधान संपादक खिरसिन्दुर नागेश प्रधान संपादक खिरसिन्दुर नागेश

मैनपुर के सात प्राचीन मंदिरों के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव, 75 लाख रुपये की राशि की मांग

मैनपुर खुर्द, छोटे गोबरा और तुहामेटा के मंदिरों के विकास को लेकर मंत्री से मिला प्रतिनिधिमंडल, मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग
मैनपुर। विकासखंड मैनपुर के विभिन्न गांवों में स्थित प्राचीन एवं धार्मिक स्थलों के संरक्षण और जीर्णोद्धार को लेकर क्षेत्र में पहल तेज होती दिखाई दे रही है। इसी क्रम में युवा मोर्चा के पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के प्रतिनिधिमंडल ने पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल से मुलाकात कर मैनपुर क्षेत्र के सात प्राचीन मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए आवश्यक स्वीकृति प्रदान करने की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों की स्थिति से अवगत कराते हुए कहा कि मैनपुर विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में कई ऐसे प्राचीन धार्मिक स्थल हैं, जो लंबे समय से संरक्षण और मरम्मत के अभाव में जर्जर स्थिति में हैं। इन मंदिरों से स्थानीय ग्रामीणों की धार्मिक आस्था के साथ-साथ क्षेत्र की पुरानी परंपराएं और सांस्कृतिक विरासत भी जुड़ी हुई हैं। ऐसे में मंदिरों का संरक्षण और जीर्णोद्धार आवश्यक है।

सात मंदिरों के लिए 75 लाख रुपये का प्रस्ताव
मंत्री को सौंपे गए प्रस्ताव में मैनपुर खुर्द, छोटे गोबरा और तुहामेटा के कुल सात प्राचीन मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए राशि की मांग की गई है। प्रस्ताव के अनुसार इन सभी कार्यों के लिए कुल 75 लाख रुपये की राशि प्रस्तावित की गई है।

प्रस्ताव में मैनपुर खुर्द के शीतला मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए 15 लाख रुपये, हनुमान मंदिर के लिए 10 लाख रुपये तथा प्राचीन शिव मंदिर के लिए 10 लाख रुपये की मांग की गई है।

इसी तरह छोटे गोबरा के शीतला मंदिर के लिए 7 लाख रुपये और शिव मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए 10 लाख रुपये प्रस्तावित किए गए हैं।

वहीं तुहामेटा के शीतला मंदिर के लिए 13 लाख रुपये तथा हनुमान मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए 10 लाख रुपये की राशि की मांग की गई है।

प्रस्तावित राशि का विवरण
मैनपुर खुर्द – शीतला मंदिर: 15 लाख रुपये
मैनपुर खुर्द – हनुमान मंदिर: 10 लाख रुपये
मैनपुर खुर्द – प्राचीन शिव मंदिर: 10 लाख रुपये
छोटे गोबरा – शीतला मंदिर: 7 लाख रुपये
छोटे गोबरा – शिव मंदिर: 10 लाख रुपये
तुहामेटा – शीतला मंदिर: 13 लाख रुपये
तुहामेटा – हनुमान मंदिर: 10 लाख रुपये
कुल प्रस्तावित राशि: 75 लाख रुपये।

मंदिरों के साथ श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं की भी मांग
प्रतिनिधिमंडल ने केवल मंदिरों के जीर्णोद्धार तक ही मांग सीमित नहीं रखी, बल्कि धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाओं के विकास की मांग भी रखी। ग्रामीण क्षेत्र और दूरस्थ इलाकों में स्थित इन धार्मिक स्थलों तक पहुंच, परिसर की व्यवस्था तथा श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुविधाओं को बेहतर बनाने की आवश्यकता पर भी ध्यान आकर्षित किया गया।

प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि प्राचीन मंदिर ग्रामीण क्षेत्रों में केवल पूजा-अर्चना के केंद्र नहीं हैं, बल्कि स्थानीय समाज की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। विभिन्न धार्मिक आयोजनों और पर्वों के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण इन मंदिरों से जुड़े रहते हैं। ऐसे में मंदिरों के संरक्षण के साथ परिसर का विकास भी जरूरी है।

लंबे समय से जीर्ण-शीर्ण स्थिति में हैं कई धार्मिक स्थल
प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को बताया कि मैनपुर क्षेत्र के कई प्राचीन धार्मिक स्थल लंबे समय से जीर्ण-शीर्ण स्थिति में हैं। समय के साथ मंदिर भवनों और परिसरों को मरम्मत एवं संरक्षण की आवश्यकता महसूस हो रही है। यदि समय रहते इनका जीर्णोद्धार किया जाता है, तो धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों को सुरक्षित रखा जा सकता है।

क्षेत्रवासियों का मानना है कि इन मंदिरों के विकास से धार्मिक गतिविधियों को सुविधा मिलने के साथ-साथ आने वाले श्रद्धालुओं को भी बेहतर वातावरण उपलब्ध हो सकेगा।

प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल
मंत्री से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश मंत्री नंदिनी नेम, युवा मोर्चा जिला महामंत्री नंदकिशोर चौबे, जनपद सदस्य कुमारी बाई पटेल, युवा मोर्चा नेता गोपी सोनवानी एवं आदिया शामिल रहे।

प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री के समक्ष मैनपुर क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों से जुड़े मुद्दों को विस्तार से रखा और प्रस्तावित कार्यों के लिए आवश्यक प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया।

अब शासन की स्वीकृति पर टिकी नजर
मैनपुर क्षेत्र के सात प्राचीन मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए प्रस्ताव सौंपे जाने के बाद अब क्षेत्रवासियों की नजर शासन स्तर पर होने वाली आगामी कार्रवाई पर है। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई है कि प्रस्ताव पर सकारात्मक पहल करते हुए आवश्यक स्वीकृति प्रदान की जाएगी और मंदिरों के जीर्णोद्धार एवं विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।

यदि प्रस्ताव को स्वीकृति मिलती है, तो मैनपुर खुर्द, छोटे गोबरा और तुहामेटा के इन सात धार्मिक स्थलों के विकास का रास्ता साफ हो सकता है। इससे मंदिरों के संरक्षण के साथ श्रद्धालुओं और ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।

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