
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर गरियाबंद-रायपुर मार्ग स्थित पुराने एसपी कार्यालय परिसर में पुलिस विभाग की ओर से “एक शाम शहीदों के नाम” कार्यक्रम का भव्य एवं यादगार आयोजन किया गया। शाम ढलते ही पूरा परिसर देशभक्ति के रंग में रंग गया। देशभक्ति गीतों, संगीत और नृत्य की शानदार प्रस्तुतियों ने ऐसा माहौल बनाया कि हर किसी के चेहरे पर उत्साह और दिल में शहीदों के प्रति सम्मान नजर आया।
कार्यक्रम में पुलिस विभाग के अधिकारियों एवं जवानों के साथ शहर के गणमान्य नागरिकों, युवाओं और आम लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मंच से एक के बाद एक देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी गई, जिस पर मौजूद दर्शक तालियों के साथ कलाकारों का उत्साह बढ़ाते नजर आए। संगीत की मधुर धुनों के बीच जब देशभक्ति के गीत गूंजे तो पूरा माहौल भावुक होने के साथ-साथ जोश और जुनून से भर उठा।
नगर के प्रतिष्ठित व्यापारी आशीष ठक्कर ने दी शानदार देशभक्ति गीत की प्रस्तुति।उनकी सुरीली आवाज ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का दिल जीत लिया।देशभक्ति के जज्बे से सजी प्रस्तुति पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं।आशीष ठक्कर की प्रस्तुति ने “एक शाम शहीदों के नाम” को और यादगार बना दिया।
डीएसपी गोपाल वैश्य के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम की खास बात यह रही कि पुलिस अधिकारी भी इस संगीतमय शाम का हिस्सा बने। डीएसपी गोपाल वैश्य लगातार कलाकारों और पुलिसकर्मियों का हौसला बढ़ाते नजर आए। देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति के दौरान वे स्वयं मंच पर पहुंचे और जमकर थिरकते हुए कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। उनका यह अंदाज देखकर कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों ने भी तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया।
डीएसपी गोपाल वैश्य ने कहा कि शहीदों का बलिदान देश की सबसे बड़ी विरासत है। “एक शाम शहीदों के नाम” जैसे आयोजन केवल मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि युवाओं और समाज को उन वीर सपूतों की कुर्बानी से जोड़ने का माध्यम हैं, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया। उन्होंने कहा कि संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से देशभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाना जरूरी है।
कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों की अलग-अलग प्रस्तुतियों ने भी खूब तालियां बटोरीं। जवानों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए देशभक्ति गीतों और नृत्य के जरिए माहौल में जोश भर दिया। पुलिस की वर्दी में जवानों का मंच पर देशभक्ति के गीतों पर प्रस्तुति देना लोगों के लिए विशेष आकर्षण रहा।
शहीदों को याद करने के साथ-साथ कार्यक्रम ने पुलिस और आम जनता के बीच जुड़ाव की एक खूबसूरत तस्वीर भी पेश की। पुलिस अधिकारी, जवान और शहरवासी एक ही मंच और एक ही भावना के साथ नजर आए। किसी के हाथ तालियों में उठे तो कोई देशभक्ति गीतों के साथ सुर मिलाता नजर आया।
पुराने एसपी कार्यालय का परिसर देर रात तक देशभक्ति के गीतों से गूंजता रहा। तिरंगे और देशभक्ति के माहौल के बीच आयोजित इस कार्यक्रम ने स्वतंत्रता दिवस की खुशियों को और खास बना दिया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों का कहना था कि शहीदों को याद करने का इससे बेहतर तरीका क्या हो सकता है कि उनकी कुर्बानी को गीत-संगीत और देशभक्ति की भावना के साथ नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाए।
पुलिस विभाग द्वारा गरियाबंदवासियों के लिए आयोजित यह आयोजन सिर्फ एक सांस्कृतिक कार्यक्रम बनकर नहीं रहा, बल्कि शहीदों के सम्मान, देशभक्ति, एकता और पुलिस-जनता के बीच मजबूत रिश्ते का संदेश देने वाली यादगार शाम बन गया। डीएसपी गोपाल वैश्य के नेतृत्व में हुए इस आयोजन ने गरियाबंद की स्वतंत्रता दिवस पूर्व संध्या को एक अलग ही रंग दे दिया।
देशभक्ति के गीत गूंजते रहे, कदम थिरकते रहे और हर दिल शहीदों के सम्मान में झुकता रहा—गरियाबंद में “एक शाम शहीदों के नाम” सचमुच यादगार बन गई।




