लंबी मांग के बाद झरगांव, तेतलखूंटी और गुर्जीभाठा के उपभोक्ताओं को मिली खुशी गोहरापदर से डायरेक्ट झरगांव बिजली लाइन की वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी, लंबा इंतजार खत्म
लंबी मांग के बाद झरगांव, तेतलखूंटी और गुर्जीभाठा के उपभोक्ताओं को मिली खुशी गोहरापदर से डायरेक्ट झरगांव बिजली लाइन की वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी, लंबा इंतजार खत्म

लंबी मांग के बाद झरगांव, तेतलखूंटी और गुर्जीभाठा के उपभोक्ताओं को मिली खुशी
गोहरापदर से डायरेक्ट झरगांव बिजली लाइन की वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी, लंबा इंतजार खत्म
गरियाबंद से हेमचंद नागेश कि रिपोर्ट
गरियाबंद। गोहरापदर से झरगांव तक डायरेक्ट बिजली लाइन जोड़ने की लंबे समय से चली आ रही मांग आखिरकार पूरी हो गई है। लंबे इंतजार के बाद झरगांव, तेतलखूंटी और गुर्जीभाठा क्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं को अब नई व्यवस्था से राहत मिलने की उम्मीद है। क्षेत्रवासियों की ओर से लगातार गोहरापदर से सीधे झरगांव लाइन जोड़ने की मांग की जा रही थी, जिसे अब पूरा किए जाने से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है।
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से क्षेत्र में बिजली व्यवस्था को लेकर विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता था। बिजली आपूर्ति के दौरान होने वाली परेशानियों और वोल्टेज सहित अन्य समस्याओं को लेकर उपभोक्ता लगातार संबंधित विभाग के समक्ष अपनी मांग रखते आ रहे थे। ऐसे में गोहरापदर से झरगांव तक डायरेक्ट लाइन जुड़ने को क्षेत्र की बिजली व्यवस्था में महत्वपूर्ण सुधार के रूप में देखा जा रहा है।
नई लाइन जुड़ने से झरगांव, तेतलखूंटी और गुर्जीभाठा सहित आसपास के उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति में बेहतर व्यवस्था मिलने की उम्मीद है। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी यह मांग काफी समय से लंबित थी और कई बार अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के समक्ष इस मुद्दे को रखा गया था। आखिरकार मांग पूरी होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है।
क्षेत्रवासियों ने बिजली विभाग के इस कार्य का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि आने वाले समय में बिजली आपूर्ति और अधिक सुचारू होगी। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली आज ग्रामीण जीवन की महत्वपूर्ण जरूरत बन चुकी है। घरों के साथ-साथ किसानों, छोटे व्यवसायों, स्कूलों और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए भी निर्बाध बिजली आपूर्ति बेहद जरूरी है।
लंबे इंतजार के बाद पूरी हुई मांग से ग्रामीणों में उत्साह है। अब क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि गोहरापदर से जुड़ी डायरेक्ट लाइन के माध्यम से उन्हें पहले की तुलना में बेहतर और व्यवस्थित बिजली आपूर्ति का लाभ मिलेगा।




