
प्रदेश में अवैध नशे के कारोबार पर सरकार विफल, युवा हो रहे शिकार : सुखचंद बेसरा
गरियाबंद_ जिला कांग्रेस कमेटी गरियाबंद के अध्यक्ष सुखचंद बेसरा ने प्रदेश में बढ़ते अवैध नशे के कारोबार को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सहित गरियाबंद जिले में नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार तेजी से फैल रहा है और इसे रोकने में सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है।
बेसरा ने आरोप लगाया कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान से पंजाब के रास्ते छत्तीसगढ़ तक नशीले पदार्थ पहुंच रहे हैं, लेकिन भाजपा की डबल इंजन सरकार इस नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई करने में असफल रही है। उन्होंने कहा कि सत्ता के संरक्षण में गांव-गांव और गली-मोहल्लों तक नशे की सप्लाई हो रही है तथा ऑनलाइन और व्हाट्सएप के माध्यम से भी ड्रग्स की बिक्री की जा रही है।
उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई केवल छोटी मछलियों तक सीमित है, जबकि बड़े तस्करों पर हाथ नहीं डाला जा रहा। सरकार 80 लाख रुपये की हेरोइन जब्ती को बड़ी उपलब्धि बता रही है, जबकि प्रदेश में नशे का वास्तविक कारोबार हजारों करोड़ रुपये का है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार में छत्तीसगढ़ में अवैध नशाखोरी महामारी का रूप ले चुकी है। कमिश्नरी प्रणाली लागू होने के बाद भी अपराधों में कमी नहीं आई है और अवैध नशे पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पाया है। इसका सबसे अधिक दुष्प्रभाव युवाओं और नाबालिगों पर पड़ रहा है।
बेसरा ने आरोप लगाया कि गरियाबंद सहित प्रदेश के बड़े शहरों के आउटर क्षेत्रों में संचालित कैफे, फार्महाउस और बारों में गांजा, अफीम, चरस, कोकीन, हेरोइन, एमडीएमए, स्मैक, ब्राउन शुगर, कफ सिरप, नाइट्रोजेन और अल्प्राजोलम जैसे नशीले पदार्थों का खुलेआम कारोबार हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की निष्क्रियता के कारण पूरा प्रदेश नशे की गिरफ्त में आता जा रहा है।
उन्होंने राज्य सरकार से अवैध नशे के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए बड़े तस्करों के खिलाफ कठोर कदम उठाने और युवाओं को नशे से बचाने के लिए ठोस रणनीति बनाने की मांग की।




