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छत्तीसगढ़ ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे: गरियाबंद में भव्य पदयात्रा से उत्सव का शानदार आगाज, सांसद-विधायक ने दिया राष्ट्रभक्ति का संदेश

छत्तीसगढ़ ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे: गरियाबंद में भव्य पदयात्रा से उत्सव का शानदार आगाज, सांसद-विधायक ने दिया राष्ट्रभक्ति का संदेश

प्रधान संपादक खिरसिन्दुर नागेश प्रधान संपादक खिरसिन्दुर नागेश

छत्तीसगढ़ ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे: गरियाबंद में भव्य पदयात्रा से उत्सव का शानदार आगाज, सांसद-विधायक ने दिया राष्ट्रभक्ति का संदेश

 

 

गरियाबंद, 7 नवंबर 2025 राष्ट्रगान ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर पूरे देश में वर्षभर चलने वाले महाअभियान का शुभारंभ हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिल्ली में उद्घाटित इस स्मरणोत्सव के तहत छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में आज एक भव्य पदयात्रा का आयोजन किया गया, जो राष्ट्रभक्ति की लहर को नई ऊंचाई प्रदान करने वाली साबित हुई। जिला मुख्यालय से लगभग 6 किलोमीटर दूर ग्राम नागबूड़ा से प्रारंभ हुई यह पदयात्रा सैकड़ों लोगों की भागीदारी के साथ संपन्न हुई, जिसमें स्कूली बच्चे, भाजपा कार्यकर्ता, अधिकारी-कर्मचारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल हुए।

 

 

 

 

पदयात्रा का शुभारंभ गरियाबंद जिला मुख्यालय से किया गया, जो नागबूड़ा होते हुए नहरगांव पहुंची। यहां यात्रियों का भव्य स्वागत हुआ, जहां स्थानीय ग्रामीणों ने तिरंगा लहराते हुए ‘वंदे मातरम’ के जयकारे लगाए। इसके बाद यात्रा कोकड़ी पंचायत के रास्ते गरियाबंद पहुंचकर समापन पर पहुंची। लगभग 6 किमी लंबी इस यात्रा में सांसद महासमुंद रूप कुमारी चौधरी और राजिम विधायक रोहित साहू ने प्रमुख भूमिका निभाई। यात्रा के दौरान प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम’ गीत गाया, जो स्वतंत्रता संग्राम की याद दिलाने वाला क्षण साबित हुआ।

 

इस अवसर पर सांसद रूप कुमारी चौधरी ने उत्साहपूर्ण संबोधन में कहा, “ ‘वंदे मातरम’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति की अमर ज्योति है। बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा 1875 में रचित यह गीत आज भी हमें मातृभूमि की सेवा का संदेश देता है। गरियाबंद जैसे ग्रामीण क्षेत्रों से इस उत्सव की शुरुआत करके हम संकल्प लेते हैं कि आने वाले वर्ष में हम सब मिलकर देश की एकता और अखंडता को मजबूत करेंगे। यह पदयात्रा नई पीढ़ी को स्वतंत्रता सेनानियों की भावना से जोड़ने का माध्यम बनेगी।”

 

वहीं, राजिम विधायक रोहित साहू ने कहा, “150 वर्ष पूरे होने पर यह उत्सव हमें याद दिलाता है कि ‘वंदे मातरम’ ने स्वाधीनता आंदोलन को कैसे प्रेरित किया। आज गरियाबंद में सैकड़ों युवाओं और बच्चों की भागीदारी देखकर गर्व हो रहा है। हमारा संकल्प है कि छत्तीसगढ़ के हर गांव-शहर में इस गीत की धुन गूंजे और राष्ट्रप्रेम की लौ प्रज्वलित रहे। यह यात्रा केवल शुरुआत है, आगे स्कूलों, पंचायतों और सामुदायिक केंद्रों में ऐसे और कार्यक्रम होंगे।”

यह पदयात्रा छत्तीसगढ़ सरकार के संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रमों का हिस्सा है, जो भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के मार्गदर्शन में चल रहे राष्ट्रीय अभियान से प्रेरित है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, ऐसे आयोजन आने वाले दिनों में जिले के अन्य हिस्सों में भी होंगे, जिसमें ऑडियो-वीडियो बूथ स्थापित कर लोगों को अपने स्वर में गीत रिकॉर्ड करने का अवसर दिया जाएगा।

 

 

‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने का यह उत्सव 7 नवंबर 2025 से 7 नवंबर 2026 तक चलेगा, जिसमें सांस्कृतिक, शैक्षणिक और जनभागीदारी वाले कार्यक्रम शामिल हैं। गरियाबंद की यह पदयात्रा न केवल स्थानीय स्तर पर सफल रही, बल्कि सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही है, जहां लोग इसे राष्ट्रगौरव का प्रतीक बता रहे हैं। कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष अनिल चन्द्रकार नगर पालिका अध्यक्ष रिखी यादव जिला महामंत्री आशीष शर्मा जिला कोषद्याक्ष अजय रोहरा नपा उपाध्यक्ष आसिफ़ मेमन जिला मंडल अध्यक्ष सुमित पारख धनराज यादव पंचायत उपाध्यक्ष लालिमा ठाकुर तरुण पप्पू ठाकुर सूरज सिन्हा पार्षद गण अधिकारी कर्मचारी शामिल हुए

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