गरियाबंद

किसान पवित्रो साहू फिर धरने की चेतावनी किया किसान का कोई सुनता है भी नहीं।

किसान पवित्रो साहू फिर धरने की चेतावनी किया किसान का कोई सुनता है भी नहीं।

प्रधान संपादक खिरसिन्दुर नागेश प्रधान संपादक खिरसिन्दुर नागेश

किसान पवित्रो साहू फिर धरने की चेतावनी किया किसान का कोई सुनता है भी नहीं।

देवभोग (गरियाबंद)। प्रशासनिक लापरवाही से परेशान किसान पवित्रो साहू ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। तहसील देवभोग अंतर्गत ग्राम धौराकोट निवासी किसान पवित्रा साहू का राजस्व रिकॉर्ड सुधार के आदेश 26 जून 2025 को पारित किया गया था। आदेश के अनुसार, संबंधित प्रकरण में 15 दिवस के भीतर रिकॉर्ड दुरुस्त किया जाना था।

लेकिन आदेश जारी हुए दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी रिकॉर्ड में कोई सुधार नहीं किया गया है। किसान पवित्रो साहू का कहना है कि अधिकारियों की इस लापरवाही के कारण उन्हें लगातार आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
पवित्र साहू ने एक बार इस मामले को लेकर धरने पर बैठे चुके हैं आसवासन के बाद धरना छोड़ने में तैयार हुआ था किन्तु अभी तक सुधार न होने पर फिर धरने कि चैतावनी दें दिया है अब देखना होगा प्रशासन की किया कार्यवाही होगी।

पवित्र साहू ने मिडिया को दिया जानकारी

“सरकार और प्रशासन किसानों की बात तो करती है, लेकिन हकीकत यही है कि आदेश के बाद भी रिकॉर्ड दुरुस्त नहीं हो पा रहा है। इससे कर्ज, बीमा और सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा। मजबूर होकर फिर से धरना-प्रदर्शन करने पर विवश होना पड़ेगा।”

सवालों के घेरे में राज्यस्व

आदेश का पालन न होना राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।

किसान की मांग है कि तुरंत रिकॉर्ड दुरुस्त किया जाए, अन्यथा वे धरने पर बैठेंगे।

निष्कर्षज

यहाँ सरकार किसान हितैषी योजनाओं के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं जमीनी स्तर पर किसानों को उनके ही रिकॉर्ड सुधारने के लिए महीनों दर-महीनों भटकना पड़ रहा है। पवित्रो साहू जैसे किसानों की यह लड़ाई तंत्र की संवेदनहीनता और गैर-कार्यक्षमता का जीता-जागता उदाहरण बन चुकी है।

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