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राजिम कुंभ कल्प मेला 01 फरवरी से: पुन्नी स्नान में उमड़ेगा श्रद्धालुओं का सैलाब

राजिम कुंभ कल्प मेला 01 फरवरी से: पुन्नी स्नान में उमड़ेगा श्रद्धालुओं का सैलाब

प्रधान संपादक खिरसिन्दुर नागेश प्रधान संपादक खिरसिन्दुर नागेश

*राजिम कुंभ कल्प मेला 01 फरवरी से: पुन्नी स्नान में उमड़ेगा श्रद्धालुओं का सैलाब*


*त्रिवेणी संगम पर धर्म, आस्था और संस्कृति का विराट उत्सव*
राजिम। दुनिया भर में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाला, देश के पांचवें कुंभ के नाम से विख्यात राजिम कुंभ कल्प मेला का शुभारंभ 01 फरवरी से होने जा रहा है। माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर त्रिवेणी संगम की पावन धरा पर श्रद्धा, साधना और संस्कृति का ऐसा संगम सजेगा, जहां देश-विदेश से आए श्रद्धालु पुन्नी स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित करेंगे।


छत्तीसगढ़ के प्रयाग के रूप में प्रसिद्ध राजिम की पवित्र भूमि पर आयोजित यह कुंभ कल्प मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन परंपरा, आध्यात्मिक चेतना और लोक-संस्कृति का जीवंत महोत्सव है। देश के विभिन्न राज्यों से प्रतिष्ठित मठों, मंदिरों, अखाड़ों और आश्रमों से हजारों साधु-संत यहां पधारेंगे। संतों की अमृतवाणी, आशीर्वचन और चरण रज से कुंभ में आए लाखों श्रद्धालु आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत होंगे।


*माघ पूर्णिमा से महाशिवरात्रि तक चलेगा कुंभ कल्प*
जानकारी के अनुसार 01 फरवरी माघ पूर्णिमा से प्रारंभ होकर 15 फरवरी महाशिवरात्रि तक चलने वाले राजिम कुंभ कल्प मेले में आस्था के अनेक पर्व एक साथ साकार होंगे। मेला अवधि के दौरान 10 से 15 फरवरी तक विराट संत समागम का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान 01 फरवरी माघ पूर्णिमा, 09 फरवरी जानकी जयंती एवं 15 फरवरी महाशिवरात्रि को पर्व स्नान होंगे, जिनमें विभिन्न मठों से पहुंचे नागा साधुओं और महात्मओं द्वारा परंपरागत शाही जुलूस भी निकाले जाएंगे।
माघ पूर्णिमा की भोर में हजारों श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में पुन्नी स्नान कर भगवान श्री राजीव लोचन, श्री कुलेश्वर महादेव, दानदानेश्वर, बाबा गरीबनाथ एवं लोमष ऋषि आश्रम के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित करेंगे।


*नवीन मेला मैदान में सजेगा आस्था का भव्य नगर*
पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी कुंभ कल्प का आयोजन नवीन मेला मैदान में किया जा रहा है। 50 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैले इस विशाल परिसर में मुख्य मंच, द्वादर ज्योर्तिलिंग का दिव्य दर्शन, पंचकोशी धाम का दिव्य दर्शन, सारस मेला, विभागीय प्रदर्शनी स्टॉल, फूड ज़ोन, मीना बाज़ार सहित अनेक आकर्षण होंगे। वहीं पुराने मेला स्थल पर संत समागम, स्थानीय कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां एवं महानदी आरती आयोजित की जाएगी।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन द्वारा लोमष ऋषि आश्रम से कुलेश्वर महादेव मंदिर, मामा-भांचा मंदिर, महानदी आरती स्थल होते हुए नवीन मेला मैदान तक अस्थायी कच्ची सड़क का निर्माण किया गया है। सड़क के दोनों ओर दुकानें सज चुकी हैं। रात्रि के समय पूरा मेला क्षेत्र रंग-बिरंगी सतरंगी झालरों से जगमगाता हुआ अत्यंत मनोहारी दृश्य दिख रहा है। नदी तट पर ही साहू समाज राजिम भक्तिन मंदिर समिति एवं अन्य सामाजिक संस्थाओं द्वारा निशुल्क भंडारे की व्यवस्था भी की गई है।
*संस्कृति और साधना का संगम*
राजीव लोचन मंदिर के समीप स्थित मुक्ताकाशी मंच पर स्थानीय कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए मंच तैयार किया गया है, जहां प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक कार्यक्रम होंगे। वहीं नवीन मेला मैदान के मुख्य मंच पर राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर के सुप्रसिद्ध लोक कलाकारों के साथ अन्य राज्यों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। इसके अतिरिक्त प्रतिदिन सायं 6 बजे भव्य महानदी आरती का आयोजन श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेगा।
*पंडोखर सरकार का सत्संग दरबार*
नदी क्षेत्र में बनाए संत समागम स्थल पर 09 से 11 फरवरी तक संत श्री गुरूशरण जी महाराज (पंडोखर सरकार) का सत्संग दरबार सजेगा। यह सत्संग प्रतिदिन सायं 4 बजे से रात्रि 9 बजे तक चलेगा। इस दौरान देशभर से आए साधु-संतों एवं महात्माओं के आशीर्वचन से श्रद्धालु आध्यात्मिक शांति और ऊर्जा का अनुभव करेंगे। राजिम कुंभ कल्प मेला 2026 श्रद्धा, साधना, सेवा और संस्कृति का ऐसा दिव्य उत्सव बनने जा रहा है, जो प्रत्येक श्रद्धालु के हृदय में आस्था की अमिट छाप छोड़ जाएगा।

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