प्रतापगढ़ में छुट्टा पशुओं से जूझता किसान
प्रतापगढ़ में छुट्टा पशुओं से जूझता किसान

*प्रतापगढ़ में छुट्टा पशुओं से जूझता किसान*
(पत्रकार प्रशांत दुबे)
प्रतापगढ़ के ग्रामीण इलाकों में किसान छुट्टा पशुओं से फसलों की सुरक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सर्द रातें हों या दिन का उजाला, किसान खेतों में बने मचान पर बैठकर रात-रात भर जागने को मजबूर हैं। आवारा गोवंश और अन्य पशु खड़ी फसल में घुसकर गेहूं, चना, सरसों और आलू जैसी रबी की प्रमुख फसलों को पल भर में बर्बाद कर देते हैं।
किसानों का कहना है कि एक पल की लापरवाही भी भारी नुकसान का कारण बन जाती है। मेहनत, खाद-बीज और सिंचाई पर खर्च की गई पूंजी आंखों के सामने नष्ट होती देख किसान बेबस हो जाता है। कई किसान बाड़, तार और अन्य अस्थायी उपाय कर रहे हैं, लेकिन यह समाधान नाकाफी साबित हो रहे हैं।
क्या सरकार को इस समस्या का समाधान निकालना चाहिए?




