उत्तर प्रदेश

नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती पर जनपद प्रतापगढ़ में ब्लैक आउट मॉक ड्रिल का सफल आयोजन-* 

नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती पर जनपद प्रतापगढ़ में ब्लैक आउट मॉक ड्रिल का सफल आयोजन-* 

प्रधान संपादक खिरसिन्दुर नागेश प्रधान संपादक खिरसिन्दुर नागेश

 

*👉 नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती पर जनपद प्रतापगढ़ में ब्लैक आउट मॉक ड्रिल का सफल आयोजन-*

*➡️ राष्ट्र रक्षा का संकल्प — आपदा में अनुशासन, सेवा में समर्पण*

 

जनपद प्रतापगढ़ में आज दिनांक-23.01.2026 को *नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती* के अवसर पर *पुलिस लाइन परेड ग्राउण्ड में ब्लैक आउट मॉक ड्रिल का आयोजन* किया गया। यह ड्रिल विशेष रूप से *नेताजी के बलिदान और देशभक्ति के आदर्शों को ध्यान में रखते हुए* तैयार की गई थी, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिक और प्रशासनिक तंत्र की *तत्काल, समन्वित और प्रभावी प्रतिक्रिया क्षमता* का परीक्षण किया जा सके।

 

*➡️ मुख्य उद्देश्य:-*

– प्राकृतिक आपदाओं, अग्निकांड, बिजली कटौती या अन्य आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया

– प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य और फायर ब्रिगेड की संयुक्त तैयारियों का आकलन

– आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों में जागरूकता और अनुशासन बनाए रखना

 

*🏛️ आयोजकों एवं निरीक्षण-*

*जिलाधिकारी प्रतापगढ़ श्री शिव सहाय अवस्थी व पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ श्री दीपक भूकर* द्वारा सहायक पुलिस अधीक्षक/ क्षेत्राधिकारी नगर श्री प्रशान्त राज व क्षेत्राधिकारी लाइन श्री शिव नारायण वैस और अन्य राजपत्रित अधिकारीगण के साथ मॉक ड्रिल का निरीक्षण किया। सभी अधिकारियों ने *सभी भागीदार एजेंसियों के समन्वित प्रयासों की सराहना* की और संचालन की बारीकियों की समीक्षा की।

 

*🔹 ड्रिल का संचालन और परिदृश्य-*

इस मॉक ड्रिल में पुलिस लाइन परिसर में एक *काल्पनिक आपात स्थिति का निर्माण* किया गया, जिसमें निम्नलिखित एजेंसियों ने भाग लिया ।

– पुलिस विभाग

– फायर ब्रिगेड

– स्वास्थ्य विभाग

– जिला प्रशासन

 

*मुख्य अभ्यास बिंदु:-*

*1.* आपदा के समय *सुरक्षित निकासी प्रक्रिया*

*2.* घायलों को *प्राथमिक उपचार* प्रदान करना

*3.**अग्निशमन और त्वरित अग्नि नियंत्रण*

*4.**भीड़ नियंत्रण और शांति व्यवस्था*

*5.**रंग-कोडित ट्राइएज प्रणाली* के माध्यम से घायल वर्गीकरण

 

*🩺 रंग-कोडित ट्राइएज प्रणाली*

आपातकालीन परिस्थितियों में घायल व्यक्तियों को प्राथमिकता के आधार पर चिकित्सा सहायता प्रदान करने हेतु *रंग-कोडित ट्राइएज प्रणाली* का उपयोग किया गया। इसका उद्देश्य सीमित संसाधनों के बीच अधिकतम जीवन बचाना है।

 

*🔴 रेड (Immediate):* गंभीर चोट, तुरंत उपचार आवश्यक

– गंभीर रक्तस्राव, साँस लेने में कठिनाई, जलने की गंभीर अवस्था

– उपचार: सुपर मल्टी-स्पेशलिटी हॉस्पिटल / मेडिकल कॉलेज / ट्रॉमा सेंटर

 

*🟡 येलो (Delayed):* स्थिर लेकिन गंभीर चोट, उपचार विलंबित हो सकता है

– हड्डी टूटना, मध्यम जलन, आंतरिक चोटें

– उपचार: जिला स्तरीय अस्पताल / सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र

 

*🟢 ग्रीन (Minor):* मामूली चोट, स्वयं चल सकते हैं

– कट-खरोंच, हल्की चोटें

– उपचार: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र / मोबाइल मेडिकल यूनिट / अस्थायी सहायता शिविर

 

*⚫ ब्लैक (Deceased/Expectant):* मृत या टर्मिनल

– प्राथमिकता उन घायलों को जो बचाए जा सकते हैं

 

*⚠️ महत्वपूर्ण निर्देश*

– आपातकाल में घबराएँ नहीं, राहत और बचाव कार्य में सहयोग करें।

– अफवाहों से दूर रहें, केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।

– ट्राइएज प्रणाली के अनुसार घायलों को प्राथमिकता क्रम में उपचार केंद्रों में भेजा जाएगा।

 

*🎯 ड्रिल के विशेष परिणाम और महत्व-*

– उपलब्ध संसाधनों का *बेहतर उपयोग और समन्वित प्रतिक्रिया* सुनिश्चित हुई

– भीड़भाड़ वाले स्थल, अग्निकांड, भूकंप या बड़े हादसों में राहत कार्य अधिक *व्यवस्थित और प्रभावी* बने

– आम नागरिकों में सुरक्षा, अनुशासन और सहयोग की भावना को बल मिला

 

*🏅 आधिकारिक बयान-*

जनपद स्तर पर आयोजित इस ब्लैक आउट मॉक ड्रिल ने सिद्ध किया कि प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और राहत एवं बचाव दल किसी भी *आपातकालीन स्थिति* से प्रभावी रूप से निपटने में सक्षम हैं। इस अभ्यास ने *नेताजी सुभाष चंद्र बोस की देशभक्ति और बलिदान की भावना* को श्रद्धांजलि देते हुए आपदा प्रबंधन में नई दिशा प्रदान की।

 

*➡️ नागरिकों से अपील:-*

आपातकालीन स्थिति में शांतिपूर्वक रहकर राहत कार्य में सहयोग करें, ट्राइएज प्रणाली का पालन करें और अफवाहों से दूर रहें।

 

*”आपातकाल में घबराएँ नहीं, सहयोग करें — अफवाहों से दूर रहें और राष्ट्रहित में एकजुट रहें।”*

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