खेलगरियाबंद

जहाँ स्मैश, संघर्ष और जश्न के बीच शटल उत्सव – गरियाबंद का भव्य समापन हुआ। हजारों दर्शकों की मौजूदगी में खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में

जहाँ स्मैश, संघर्ष और जश्न के बीच शटल उत्सव – गरियाबंद का भव्य समापन हुआ। हजारों दर्शकों की मौजूदगी में खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में

प्रधान संपादक खिरसिन्दुर नागेश प्रधान संपादक खिरसिन्दुर नागेश

 

 

गरियाबंद से बड़ी खेल खबर…

जहाँ स्मैश, संघर्ष और जश्न के बीच शटल उत्सव – गरियाबंद का भव्य समापन हुआ।

हजारों दर्शकों की मौजूदगी में खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में

विशाखापट्टनम की जोड़ी ने हरियाणा को हराकर खिताब अपने नाम किया।

 

गरियाबंद के इंडोर स्टेडियम में दो दिन तक चले इस अंतरराज्यीय बैडमिंटन टूर्नामेंट ने

न सिर्फ खिलाड़ियों का दम दिखाया,

बल्कि गरियाबंद को खेलों के नए केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया।

 

गरियाबंद बैडमिंटन क्लब के तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता में

छत्तीसगढ़ के साथ-साथ आंध्र प्रदेश, हरियाणा और ओडिशा की टीमों ने हिस्सा लिया।

फाइनल मुकाबले में पारस और तनय (विशाखापट्टनम) ने शानदार खेल दिखाते हुए

डीबीएस चंद्र कुमार और के. जगदीश (हरियाणा) को पराजित किया।

वहीं ओडिशा की टीम तीसरे स्थान पर रही।

 

विजेताओं को 15 हजार, 10 हजार और 5 हजार रुपये नगद राशि के साथ ट्रॉफी प्रदान की गई।

सेमीफाइनल मुकाबले भी बेहद रोमांचक रहे, जहाँ हर रैली पर दर्शकों की तालियों से स्टेडियम गूंज उठा।

 

इस आयोजन के मुख्य अतिथि पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष गफ्फू मेमन रहे,

जिन्होंने स्वयं मैत्री मैच खेलकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया।

मंच पर भाजपा जिला कोषाध्यक्ष अजय रोहरा,

थाना प्रभारी ओम प्रकाश यादव और आर.आई. सनत ठाकुर भी मौजूद रहे।

 

मुख्य अतिथि गफ्फू मेमन ने अपने उद्बोधन में कहा,

 

“गरियाबंद में इस स्तर का बैडमिंटन टूर्नामेंट यह साबित करता है कि हमारा जिला खेल प्रतिभाओं से भरा हुआ है। खेल युवाओं को अनुशासन, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा देता है। ऐसे आयोजनों से न सिर्फ खिलाड़ियों को मंच मिलता है, बल्कि समाज में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना भी मजबूत होती है।”

 

थाना प्रभारी ओम प्रकाश यादव ने कहा,

 

“खेल आयोजन युवाओं को नशा और गलत रास्तों से दूर रखते हैं। पुलिस प्रशासन हमेशा ऐसे सकारात्मक आयोजनों के साथ खड़ा रहेगा। खिलाड़ियों में जो ऊर्जा और अनुशासन दिखा, वह काबिले-तारीफ है।”

 

कुल मिलाकर,

शटल उत्सव – गरियाबंद

सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं,

बल्कि खेल, अनुशासन और भाईचारे का उत्सव बनकर यादगार साबित हुआ।

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