छ.ग. समर्थन मूल्य धान खरीदी कंप्यूटर ऑपरेटर संघ ने वेतन भुगतान व नियमितीकरण की मांग को लेकर आंदोलन का किया ऐलान
छ.ग. समर्थन मूल्य धान खरीदी कंप्यूटर ऑपरेटर संघ ने वेतन भुगतान व नियमितीकरण की मांग को लेकर आंदोलन का किया ऐलान
छ.ग. समर्थन मूल्य धान खरीदी कंप्यूटर ऑपरेटर संघ ने वेतन भुगतान व नियमितीकरण की मांग को लेकर आंदोलन का किया ऐलान

24 अक्टूबर से प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन, 12 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
रायपुर। छत्तीसगढ़ समर्थन मूल्य धान खरीदी कंप्यूटर ऑपरेटर संघ ने प्रदेशभर के 2739 धान उपार्जन केंद्रों में कार्यरत ऑपरेटरों को 12 माह की बजाय केवल 6 माह का वेतन देने के शासन निर्णय के विरोध में आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। संघ ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर कहा है कि ऑपरेटर वर्षभर काम करते हैं, ऐसे में मात्र 6 माह का वेतन देना न तो न्यायसंगत है और न ही संवैधानिक दृष्टि से उचित।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष ऋषिकांत मोहरे ने बताया चार सूत्रीय मांग को लेकर आज वे कलेक्टरे में ज्ञापन देंने पूरे संघ के साथ पहुचे है उन्होंने कहा कि धान खरीदी की तैयारियाँ 1 जुलाई से शुरू होकर 31 जनवरी तक चलती हैं, जबकि फाइल अपलोडिंग और भुगतान कार्य अगले कुछ महीनों तक चलता रहता है। फिर भी शासन ने 2025-26 में केवल 6 माह का वेतन स्वीकृत किया है। यह निर्णय ऑपरेटरों के साथ अन्यायपूर्ण है, जिन्हें पिछले 18 वर्षों से न्यूनतम पारिश्रमिक पर कार्य कराया जा रहा है।
समिति के कोषाध्यक्ष ने कहा,
“धान खरीदी के दौरान हम कर्मचारी लगातार धान को सुरक्षित रखते हैं, पर शासन द्वारा तीन-तीन महीने बाद उठाव किया जाता है। ऐसे में धान में सुखत आना स्वाभाविक है। शासन द्वारा हम कर्मचारियों पर एफ आई आर होता है जो गलत है इसलिए हमारी प्रमुख माँग है कि धान में होने वाले सुखत का उचित प्रावधान शासन स्तर पर किया जाए।”
संघ ने इस नीति के विरोध में आंदोलन की रूपरेखा भी तय की है—
1️⃣ 24 अक्टूबर 2025 को सभी जिलों में जिला मुख्यालयों पर प्रतीकात्मक रैली और ज्ञापन सौंपा जाएगा।
2️⃣ 28 अक्टूबर 2025 को संभागीय स्तर पर धरना प्रदर्शन होगा।
3️⃣ 3 नवंबर से 11 नवंबर 2025 तक सामूहिक अवकाश आंदोलन चलेगा।
4️⃣ 12 नवंबर 2025 से मांगें पूरी न होने की स्थिति में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि शासन ने आगामी कैबिनेट बैठक में कंप्यूटर ऑपरेटरों की 12 माह के वेतन भुगतान और नियमितीकरण की मांग पर निर्णय नहीं लिया, तो प्रदेशभर के 15 हजार से अधिक समिति कर्मचारी और ऑपरेटर आंदोलन को व्यापक बनाएंगे।
संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि “हम वर्षों से प्रदेश की धान खरीदी व्यवस्था की रीढ़ बने हुए हैं, लेकिन हर बार उपेक्षा का शिकार होना पड़ता है। अब धैर्य की सीमा पार हो चुकी है।”




