
गरियाबंद। दिल्ली विश्वविद्यालय के शहीद भगत सिंह कॉलेज (संध्या) के छात्रसंघ चुनाव 2026 में छत्तीसगढ़ से जुड़े छात्र पीयूष जायसवाल ने संयुक्त सचिव (Joint Secretary) पद पर जीत दर्ज की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार पीयूष ने स्वतंत्र प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी पर 674 वोटों के अंतर से जीत हासिल की।
पीयूष की इस जीत के बाद छत्तीसगढ़, विशेषकर गरियाबंद और देवभोग क्षेत्र में उनके परिचितों और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है। उनकी जीत को छात्र राजनीति में उनके व्यक्तिगत नेतृत्व और चुनाव प्रचार के दौरान छात्रों के बीच बनाए गए संपर्क के परिणाम के रूप में देखा जा रहा है।
देवभोग से शुरू हुआ पढ़ाई का सफर
पीयूष जायसवाल, डीएवी बेमेतरा के प्राचार्य प्यारे लाल जायसवाल के सुपुत्र हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ के डीएवी देवभोग, गरियाबंद में कक्षा चौथी से सातवीं तक अध्ययन किया। इसी दौरान कम उम्र में विज्ञान, लेखन और शोध के क्षेत्र में उनकी रुचि सामने आई।
परिजनों और उपलब्ध विवरण के अनुसार, उन्होंने किशोरावस्था में ही ब्रह्मांड और भौतिकी से जुड़े विषयों पर लेखन और शोध कार्य किया। उनके नाम कई पुरस्कार और सम्मान भी बताए जाते हैं।
कम उम्र में विज्ञान के क्षेत्र में पहचान
पीयूष जायसवाल के बारे में उपलब्ध जानकारी के अनुसार उन्हें विज्ञान एवं अनुसंधान के क्षेत्र में विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के सम्मान प्राप्त हुए हैं। इनमें गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज होने सहित कई पुरस्कारों का उल्लेख किया गया है।
हालांकि, अल्बर्ट आइंस्टीन के रिकॉर्ड को चुनौती देने जैसे दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है, इसलिए इसे किसी आधिकारिक रिकॉर्ड के रूप में प्रस्तुत करने से पहले संबंधित रिकॉर्ड संस्था या आधिकारिक दस्तावेज से सत्यापन जरूरी होगा।
छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान का भी दावा
पीयूष को जनवरी 2026 में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा ‘छत्तीसगढ़ युवा रत्न’ सम्मान और 2.50 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है। इस संबंध में आधिकारिक कार्यक्रम या सरकारी रिकॉर्ड उपलब्ध होने पर इसे और पुष्ट किया जा सकता है।
अब छात्र राजनीति में नई जिम्मेदारी
विज्ञान और शोध के क्षेत्र से पहचान बनाने के बाद पीयूष का छात्रसंघ चुनाव में उतरना उनके सफर का नया अध्याय माना जा रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने छात्र हितों से जुड़े मुद्दों और अपने विजन को छात्रों के सामने रखा।
674 वोटों के अंतर से मिली जीत के बाद अब उनकी जिम्मेदारी कॉलेज के छात्रों से जुड़े मुद्दों को छात्रसंघ के मंच पर उठाने की होगी।




