सीओ जियाउल हक हत्याकांड में राजा भइया को बड़ी राहत, CBI कोर्ट ने खारिज की आगे की कार्रवाई |*
सीओ जियाउल हक हत्याकांड में राजा भइया को बड़ी राहत, CBI कोर्ट ने खारिज की आगे की कार्रवाई |*

*सीओ जियाउल हक हत्याकांड में राजा भइया को बड़ी राहत, CBI कोर्ट ने खारिज की आगे की कार्रवाई |*
रिपोर्ट:* गुलाब जायसवाल ✍️📰
कुंडा प्रतापगढ़।2013 में हुए चर्चित सीओ जियाउल हक हत्याकांड में कुंडा विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भइया को बड़ी राहत मिली है।
सीबीआई की दोबारा जांच के बाद दाखिल फाइनल रिपोर्ट को CBI कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है और मामले में आगे की कार्रवाई की मांग को खारिज कर दिया है।
क्या था पूरा मामला?
2 मार्च 2013 को कुंडा के बलीपुर में प्रधान नन्हे यादव की हत्या के बाद जांच करने गए सीओ जियाउल हक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
इस मामले में सीओ की पत्नी परवीन आजाद ने राजा भइया समेत कई लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी।
CBI ने पहली जांच में राजा भइया को क्लीन चिट देते हुए फाइनल रिपोर्ट लगाई थी, जिस पर परवीन आजाद ने आपत्ति जताई। मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राजा भइया की भूमिका की दोबारा जांच हुई।
साल 2023 में दोबारा जांच के बाद भी CBI ने फिर से फाइनल रिपोर्ट दाखिल की। अब कोर्ट ने उस फाइनल रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए प्रोटेस्ट पिटीशन खारिज कर दी है।
इस आदेश के बाद इस हत्याकांड में राजा भइया के खिलाफ चल रही 12 साल पुरानी कानूनी प्रक्रिया पर फिलहाल विराम लग गया है।




