गरियाबंद कलेक्ट्रेट और जनपद पंचायत कार्यालय परिसर में स्व सहायता समूह की महिलाओं ने आकांक्षा हाट लगाकर अपने हाथों से तैयार की गई आकर्षक राखियों की बिक्री शुरू की है। गायत्री स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार राखियों को लोगों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है।
कलेक्टर रणबीर शर्मा एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर चंद्राकर ने आकांक्षा हाट का अवलोकन किया और महिलाओं द्वारा तैयार राखियां खरीदकर उनका उत्साह बढ़ाया। अधिकारियों ने महिलाओं के हुनर और मेहनत की सराहना करते हुए उन्हें आजीविका गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।
समूह की सदस्य भोजेश्वरी ध्रुव और गुंजा ध्रुव ने बताया कि खेती-किसानी के कार्यों के साथ वे रोजाना 2 से 3 घंटे अतिरिक्त समय निकालकर राखियों का निर्माण करती हैं। इस सीजन में समूह ने करीब 1 हजार हस्तनिर्मित राखियां तैयार की हैं, जिनकी बिक्री से अब तक 8 हजार रुपये से अधिक की आय हो चुकी है। राखियों की बिक्री अभी जारी है, जिससे आय में और बढ़ोतरी की उम्मीद है। महिलाएं राखी निर्माण के साथ सिलाई-कढ़ाई का काम भी कर रही हैं।
कलेक्टर रणबीर शर्मा ने कहा कि स्व सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं अपनी मेहनत और हुनर को आजीविका का मजबूत माध्यम बना रही हैं। स्थानीय उत्पादों को बाजार मिलने से महिलाओं की आय बढ़ने के साथ उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिल रहा है।
इस अवसर पर एसडीएम हितेश्वरी बाघे, जनपद पंचायत सीईओ नम्रता शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।