
ऑपरेशन निश्चय: 151 किलो गांजा के साथ दो अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार, 75.50 लाख का माल जब्त
गरियाबंद। जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन निश्चय’ के तहत गरियाबंद पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। देवभोग थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी का भंडाफोड़ करते हुए 151 किलो गांजा बरामद किया है। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब 75 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है। तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे एक मेटाडोर वाहन को भी पुलिस ने जब्त किया है, जिसकी कीमत करीब 20 लाख 25 हजार रुपये आंकी गई है।
पुलिस की इस कार्रवाई में मध्यप्रदेश और ओडिशा से जुड़े दो कथित अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों की पहचान रोहित पांडेय (35), निवासी छतरपुर, मध्यप्रदेश और रमेश नायक (52), निवासी कालाहांडी, ओडिशा के रूप में हुई है।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल
पुलिस के मुताबिक, 19 अगस्त 2026 को देवभोग थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक मेटाडोर वाहन में बड़ी मात्रा में गांजा छिपाकर देवभोग की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई और खुटगांव अंतरराज्यीय पुलिस चेक पोस्ट पर संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू कर दी।
चेक पोस्ट पर पुलिस जवान आने-जाने वाले वाहनों पर नजर रख रहे थे। इसी दौरान मुखबिर की सूचना से मिलते-जुलते हुलिए वाले एक संदिग्ध मेटाडोर को पुलिस ने रोककर जांच की।
6 टायरों के अंदर छिपाया था गांजा
मेटाडोर की तलाशी के दौरान पुलिस को तस्करी का अनोखा तरीका देखकर हैरानी हुई। आरोपियों ने पुलिस की नजर से गांजा बचाने के लिए उसे वाहन के छहों टायरों के अंदर छिपाकर रखा था।
पुलिस टीम ने बारीकी से जांच की तो टायरों के भीतर छिपाकर रखा गया गांजा बरामद हुआ। कार्रवाई के दौरान कुल 151 किलो गांजा जब्त किया गया। पुलिस ने गांजे के साथ तस्करी में इस्तेमाल मेटाडोर वाहन क्रमांक CG 07 AY 3587 को भी अपने कब्जे में ले लिया।
दो राज्यों से जुड़े हैं आरोपी
पुलिस ने मौके से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपियों का संबंध अलग-अलग राज्यों से है। रोहित पांडेय छतरपुर, मध्यप्रदेश का निवासी है, जबकि रमेश नायक कालाहांडी, ओडिशा का रहने वाला है।
दोनों आरोपियों से पुलिस द्वारा गांजे की तस्करी से जुड़े नेटवर्क, गांजे के स्रोत और इसे कहां पहुंचाया जाना था, इस संबंध में पूछताछ की जा रही है। पुलिस इस मामले में तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर सकती है।
करीब 95.75 लाख रुपये की जब्ती
इस कार्रवाई में पुलिस ने गांजे और वाहन समेत करीब 95 लाख 75 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है। इसमें:
– 151 किलो गांजा — करीब 75 लाख 50 हजार रुपये
– मेटाडोर वाहन CG 07 AY 3587 — करीब 20 लाख 25 हजार रुपये
शामिल हैं।
इस तरह पुलिस की कार्रवाई में जब्त सामग्री का कुल अनुमानित मूल्य करीब 95.75 लाख रुपये है।
NDPS Act के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS Act की धारा 20(b)(ii)(C) और 27A के तहत मामला दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
आठ महीने में 5.17 करोड़ रुपये का गांजा जब्त
गरियाबंद पुलिस की नशे के खिलाफ कार्रवाई का यह मामला जिले में गांजा तस्करी के बड़े नेटवर्क की ओर भी इशारा करता है। पुलिस के अनुसार, पिछले आठ महीनों में करीब 5.17 करोड़ रुपये कीमत का गांजा जब्त किया जा चुका है।
लगातार हो रही कार्रवाई से स्पष्ट है कि पुलिस जिले से होकर होने वाली अंतरराज्यीय नशे की तस्करी पर शिकंजा कसने में जुटी है। खास तौर पर अंतरराज्यीय मार्गों और चेक पोस्टों पर वाहनों की सघन जांच की जा रही है।
तस्करी के नए तरीकों पर पुलिस की नजर
इस मामले में गांजे को मेटाडोर के छह टायरों के भीतर छिपाकर ले जाने का तरीका सामने आने के बाद यह भी साफ है कि तस्कर पुलिस की सामान्य जांच से बचने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे में पुलिस द्वारा वाहनों की गहन जांच और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखना महत्वपूर्ण हो गया है।
गरियाबंद पुलिस की इस कार्रवाई को ‘ऑपरेशन निश्चय’ के तहत नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।




