
*TET के नाम पर वरिष्ठ शिक्षकों की पदोन्नति रोकना अन्याय* — कुमेन्द्र कश्यप
*गरियाबंद में सहायक शिक्षक एल.बी. की प्रधान पाठक पद पर पदोन्नति शीघ्र करने की मांग*
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन जिला गरियाबंद के जिलाध्यक्ष कुमेन्द्र कश्यप ने TET के नाम पर वर्षों से सेवा दे रहे वरिष्ठ शिक्षकों की पदोन्नति प्रभावित किए जाने पर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने शासन से स्पष्ट करने की मांग की है कि पूर्व में नियुक्त शिक्षकों की पदोन्नति के लिए TET अनिवार्य किए जाने का स्पष्ट प्रावधान आखिर कब जारी किया गया था।
कुमेन्द्र कश्यप ने कहा कि वर्षों से शासकीय सेवा दे रहे शिक्षक एल.बी.सवर्ग अपनी नियुक्ति के समय लागू नियमों के अनुसार चयनित होकर सेवा में आए हैं। उन्होंने वर्षों तक ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यालयों में पूरी निष्ठा के साथ सेवाएं दी हैं। ऐसे वरिष्ठ शिक्षकों की पदोन्नति को बाद में लागू किए गए प्रावधानों के आधार पर रोकना उनके सेवा अधिकारों और वरिष्ठता के साथ अन्याय है।
उन्होंने कहा कि नई नियुक्ति के लिए TET की पात्रता और पहले से शासकीय सेवा में कार्यरत शिक्षकों की पदोन्नति को एक ही मापदंड से नहीं देखा जाना चाहिए। शासन को इस संबंध में स्पष्ट स्थिति जारी करनी चाहिए, ताकि शिक्षकों के बीच भ्रम की स्थिति समाप्त हो।
*प्रधान पाठक पदोन्नति को लेकर गरियाबंद में फेडरेशन मुखर*
फेडरेशन जिलाध्यक्ष ने कहा कि गरियाबंद जिले में सहायक शिक्षक एल.बी. की प्राथमिक शाला प्रधान पाठक पद पर पदोन्नति शिक्षकों की प्रमुख मांग है। लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे वरिष्ठ शिक्षकों में इसे लेकर निराशा है। यदि TET को आधार बनाकर पदोन्नति रोकी जाती है तो बड़ी संख्या में वरिष्ठ शिक्षक पदोन्नति के अवसर से वंचित हो सकते हैं।
उन्होंने शासन एवं शिक्षा विभाग से मांग की कि वरिष्ठता सूची के आधार पर पात्र शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए तथा TET के संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
कुमेन्द्र कश्यप ने कहा कि फेडरेशन शिक्षकों के हितों से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे को लेकर लगातार आवाज उठाता रहेगा। वरिष्ठता, सेवा अनुभव और पूर्व नियुक्ति नियमों के आधार पर शिक्षकों को उनका पदोन्नति अधिकार मिलना चाहिए।
उन्होंने शासन से मांग की कि गरियाबंद जिले में सहायक शिक्षक एल.बी. से प्राथमिक शाला प्रधान पाठक पद पर लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को तत्काल आगे बढ़ाया जाए और TET के नाम पर वरिष्ठ शिक्षकों के पदोन्नति अधिकार को प्रभावित न किया जाए।




