
सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज पाने के लिए जान जोखिम में डालकर खतरनाक स्टंट करने वालों पर अब प्रशासन ने कड़ा शिकंजा कस दिया है। रायगढ़ जिले के प्रसिद्ध परसदा-केराझर वाटरफॉल में युवाओं द्वारा करीब 30 फीट ऊंचे झरने की फिसलन भरी चट्टानों से पानी में छलांग लगाने और खतरनाक वीडियो बनाने की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला किया है।
रायगढ़ कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने परसदा-केराझर वाटरफॉल और उसके आसपास के पूरे क्षेत्र में आम जनता एवं पर्यटकों के प्रवेश पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत जारी यह निषेधाज्ञा आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगी।
रील के चक्कर में जान से खेल रहे थे युवा!
जिला प्रशासन के संज्ञान में आया था कि कुछ युवा सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के लिए वाटरफॉल की बेहद फिसलन भरी और खतरनाक चट्टानों पर स्टंट कर रहे हैं। करीब 30 फीट की ऊंचाई से पानी में छलांग लगाने जैसी जानलेवा गतिविधियां की जा रही थीं।
प्रशासन ने इसे गंभीर दुर्घटना और जनहानि की आशंका से जुड़ा मामला मानते हुए वाटरफॉल क्षेत्र को अति-संवेदनशील और खतरनाक क्षेत्र घोषित कर सख्त कदम उठाया है। प्रशासन का मानना है कि सोशल मीडिया के लिए बनाए जा रहे वीडियो किसी भी स्थिति में मानव जीवन से अधिक महत्वपूर्ण नहीं हो सकते।
वाटरफॉल और पहुंच मार्ग अब ‘नो गो जोन’
जारी आदेश के अनुसार अब परसदा-केराझर वाटरफॉल और उसके आसपास के पूरे क्षेत्र में आम जनता और पर्यटकों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। युवाओं और छात्र-छात्राओं को भी प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने की अनुमति नहीं होगी। पिकनिक मनाने पर रोक रहेगी। रील, वीडियो और सोशल मीडिया कंटेंट बनाने के लिए प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। सेल्फी और फोटोग्राफी के लिए भी खतरनाक क्षेत्र में जाना प्रतिबंधित होगा। किसी भी प्रकार की स्टंटबाजी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। वाटरफॉल की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों, रास्तों और वन क्षेत्र की पगडंडियों को भी ‘नो गो जोन’ घोषित कर दिया गया है।
चेक पोस्ट और बैरिकेडिंग के निर्देश
कलेक्टर ने पुलिस विभाग को वाटरफॉल की ओर जाने वाले सभी प्रमुख प्रवेश मार्गों पर पुलिस चेक पोस्ट और बैरिकेडिंग लगाने के निर्देश दिए हैं। खासतौर पर सप्ताहांत और छुट्टी के दिनों में विशेष निगरानी रखने के लिए कहा गया है, ताकि कोई भी व्यक्ति प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश न कर सके।
जगह-जगह लगेंगे ‘नो एंट्री’ और ‘डेंजर’ बोर्ड
राजस्व, वन और पंचायत विभाग को वाटरफॉल के खतरनाक हिस्सों तथा पहुंच मार्गों पर बड़े और स्पष्ट ‘प्रवेश निषेध’ एवं ‘खतरा’ चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं तहसीलदार रायगढ़ और संबंधित ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सचिव को आसपास के गांवों में लगातार मुनादी और लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को प्रतिबंध की जानकारी देने के लिए कहा गया है।
आदेश तोड़ा तो FIR
जिला प्रशासन ने प्रतिबंध को लेकर स्पष्ट चेतावनी जारी की है। निषेधाज्ञा का उल्लंघन कर वाटरफॉल Waterfall क्षेत्र में प्रवेश करने, किसी व्यक्ति को वहां जाने के लिए उकसाने या प्रशासनिक कार्रवाई में बाधा डालने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत FIR दर्ज कर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि वे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता दें तथा परसदा-केराझर वाटरफॉल क्षेत्र में प्रवेश न करें।




