सुशासन तिहार में सरपंचों का बहिष्कार, किसानों का विरोध ओर मंच से माफी तक पहुंचा मामला
सुशासन तिहार में सरपंचों का बहिष्कार, किसानों का विरोध ओर मंच से माफी तक पहुंचा मामला

सुशासन तिहार में सरपंचों का बहिष्कार, किसानों का विरोध ओर मंच से माफी तक पहुंचा मामला
संवाददाता हेमचंद नागेश गरियाबंद

मैनपुर-झरगांव में सुशासन तिहार शिविर से लेकर सरकारी दफ्तर तक जनता और जनप्रतिनिधियों की नाराजगी देखने को मिली। मैनपुर के झरगांव में आज आयोजित शिविर से 16 पंचायत के सरपंचों ने शिविर का बहिष्कार करते हुए अमलीपदर तहसीलदार को हटाने के लिए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा आरोप लगाते हुए सरपंचों ने कहा कि 7 मई को अमलीपदर नयापारा में आयोजित सुशासन तिहार में तहसीलदार के द्वारा सरपंचों का अपमान किया गया। कार्यक्रम में भोजन व्यवस्था सरपंचों द्वारा किया गया था लेकिन भोजन के दौरान अमलीपदर तहसीलदार गेंदालाल साहू ने सरपंचों को भोजन स्थल से हटवा दिए आरोप है कि SDM खाना खाने बैठेंगे कहते हुए उठाया गया जिससे सरपंचों के सम्मान में ठेस पहुंची इसी घटना से नाराज सरपंचों ने झरगांव में आयोजित सुशासन तिहार का बहिष्कार कर विरोध किया ।
इसी बीच अमलीपदर तहसीलदार ने भरी मंच से सरपंचों को माफी मांगते हुए कहा नए नए आया हु पहचान नहीं हो पाया इस लिए भूल हो गई लेकिन इधर सरपंच संघ मानने को तैयार नहीं है और कार्यवाही नहीं होने सड़क तक उतरने की बात कह रहे हैं।
पटवारी से नाराज ग्रामीणों सुशासन तिहार पर खोला मोर्चा
मैनपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत धारनीधोड़ा और मंदागमुड़ा के किसानों ने भी पटवारी हल्का नम्बर 17 में पदस्थ पटवारी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है किसानों द्वारा सौंपे गए आवेदन में आरोप लगाया है कि पटवारी द्वारा समय पर कार्य नहीं किया जा रहा है जिससे किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और पटवारी कार्य स्थल पर समय पर उपस्थित नहीं रहता एवं कार्य के बदले राशि मांगने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए है ।




