ब्राह्मण समाज महिला प्रकोष्ठ, तहसील छुरा की महत्वपूर्ण एवं गरिमामयी बैठक मानस मंदिर परिसर में आयोजित की गई।
ब्राह्मण समाज महिला प्रकोष्ठ, तहसील छुरा की महत्वपूर्ण एवं गरिमामयी बैठक मानस मंदिर परिसर में आयोजित की गई।

ब्राह्मण समाज महिला प्रकोष्ठ, तहसील छुरा की महत्वपूर्ण एवं गरिमामयी बैठक मानस मंदिर परिसर में आयोजित की गई। बैठक में समाज की महिलाओं ने बड़ी संख्या में सहभागिता निभाते हुए संगठन की आगामी गतिविधियों, धार्मिक आयोजनों, सामाजिक सरोकारों और समाज की एकता को मजबूत करने को लेकर विस्तृत मंथन किया। बैठक में जहां आगामी धार्मिक आयोजनों को भव्य, गरिमापूर्ण एवं व्यवस्थित रूप से आयोजित करने की रणनीति तैयार की गई, वहीं संगठन को नई दिशा और गति देने के उद्देश्य से नवनियुक्त पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
बैठक का माहौल पूरी तरह धर्म, संस्कार, संस्कृति, संगठन और समाजसेवा के संकल्प से ओत-प्रोत रहा। उपस्थित महिलाओं ने एक स्वर में कहा कि समाज की प्रगति के लिए महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। महिला शक्ति यदि संगठित होकर समाजहित के कार्यों में आगे आए तो धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों को नई मजबूती मिल सकती है। इसी उद्देश्य के साथ महिला प्रकोष्ठ को अधिक सक्रिय एवं प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
नई कार्यकारिणी के साथ महिला प्रकोष्ठ को मिलेगी नई मजबूती
बैठक के दौरान ब्राह्मण समाज महिला प्रकोष्ठ की नई जिम्मेदारियों की घोषणा की गई। संगठन में बबिता दीक्षित को उपाध्यक्ष, गायत्री दुबे को सचिव, योगेश्वरी शर्मा को सह-कोषाध्यक्ष, शीला त्रिपाठी को सांस्कृतिक प्रभारी प्रमुख, शशि शर्मा को समाज सेवा प्रकोष्ठ प्रभारी, गीता शर्मा को धार्मिक आयोजन प्रभारी तथा अदिति पाण्डेय को मीडिया प्रभारी का दायित्व सौंपा गया।
इसके साथ ही केशर पाण्डेय, शालिनी चौबे एवं रंजीता शर्मा को कार्यकारिणी सदस्य के रूप में जिम्मेदारी दी गई। नई जिम्मेदारियां मिलने के बाद उपस्थित सदस्यों ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि इनके नेतृत्व एवं सक्रिय सहभागिता से महिला प्रकोष्ठ को नई दिशा मिलेगी।
धार्मिक आयोजनों को लेकर तैयार होगी भव्य रूपरेखा
बैठक में आगामी धार्मिक आयोजनों को लेकर विशेष रूप से चर्चा की गई। आयोजनों को केवल धार्मिक कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए उन्हें समाज की एकजुटता, संस्कार एवं संस्कृति से जोड़ने पर जोर दिया गया। कार्यक्रमों में महिलाओं की अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने तथा आयोजन से संबंधित विभिन्न जिम्मेदारियों को आपसी समन्वय के साथ पूरा करने की रूपरेखा तैयार करने पर सहमति बनी।
महिलाओं ने कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य करते हैं। इन आयोजनों के माध्यम से बच्चों एवं युवा पीढ़ी को अपनी सनातन परंपरा, संस्कार, संस्कृति और धार्मिक विरासत से परिचित कराने का भी प्रयास किया जाएगा।
समाजसेवा को बनाया जाएगा संगठन की प्राथमिकता
बैठक में समाजसेवा के क्षेत्र में महिला प्रकोष्ठ की सक्रिय भूमिका को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। जरूरतमंदों की सहायता, सामाजिक जागरूकता, महिलाओं की सहभागिता तथा विभिन्न सेवा गतिविधियों को आगे बढ़ाने की बात कही गई।
उपस्थित सदस्यों ने कहा कि संगठन की वास्तविक शक्ति तभी सामने आती है, जब समाज के प्रत्येक वर्ग के सुख-दुख में साथ खड़ा हुआ जाए। महिला प्रकोष्ठ आने वाले समय में धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ सेवा, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े कार्यों को भी प्राथमिकता देगा।
संस्कारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर विशेष जोर
बैठक में इस बात पर भी विशेष जोर दिया गया कि वर्तमान समय में नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना बेहद जरूरी है। आधुनिकता के दौर में बच्चों एवं युवाओं को अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के लिए महिला प्रकोष्ठ द्वारा संस्कार आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई गई।
महिलाओं ने कहा कि घर-परिवार में संस्कारों के निर्माण से लेकर समाज में संस्कृति के संरक्षण तक महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। इसलिए महिला प्रकोष्ठ के माध्यम से आने वाली पीढ़ी को संस्कार, सेवा, सद्भाव, सामाजिक जिम्मेदारी और अपनी गौरवशाली परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
एकजुटता को बताया संगठन की सबसे बड़ी ताकत
बैठक में समाज की एकता को संगठन की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए सभी सदस्यों ने आपसी सहयोग और समन्वय के साथ आगे बढ़ने का संकल्प लिया। उपस्थित महिलाओं ने कहा कि व्यक्तिगत स्तर पर किए गए प्रयासों की तुलना में सामूहिक प्रयासों का प्रभाव कहीं अधिक होता है। इसलिए सभी महिलाएं मिलकर संगठन को मजबूत करें और समाजहित के प्रत्येक कार्य में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा गया कि नई जिम्मेदारियां केवल पद नहीं, बल्कि समाज के प्रति सेवा और दायित्व निभाने का अवसर हैं। सभी पदाधिकारी अपने दायित्वों का निष्ठा, समर्पण एवं ईमानदारी के साथ निर्वहन करते हुए महिला प्रकोष्ठ को मजबूत बनाने में योगदान दें।
महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से समाज को मिलेगी नई दिशा
बैठक में उपस्थित महिलाओं ने विश्वास जताया कि नई कार्यकारिणी के गठन के बाद महिला प्रकोष्ठ की गतिविधियों में और अधिक सक्रियता आएगी। धार्मिक आयोजनों को बेहतर ढंग से संपन्न कराने के साथ-साथ सामाजिक एवं सेवा गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी।
इस अवसर पर पुष्पा तिवारी, संगीता दीक्षित, लीना दुबे, गीता शुक्ला, अदिति पाण्डेय, केशर पाण्डेय, शीला त्रिपाठी, योगेश्वरी शर्मा, गायत्री दुबे, रंजीता शर्मा, बबिता दीक्षित, गीता शर्मा, पुष्पा मिश्रा, शालिनी चौबे, गंगा तिवारी, लक्ष्मी दीक्षित, संतोषी दीक्षित एवं प्रमिला दीक्षित सहित अन्य महिला सदस्य उपस्थित रहीं।
बैठक ने दिया एकता और सेवा का संदेश
मानस मंदिर परिसर में आयोजित यह बैठक संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण रही। बैठक में जहां नई जिम्मेदारियों के साथ महिला प्रकोष्ठ को सक्रिय करने की दिशा तय हुई, वहीं धर्म, संस्कार, संस्कृति एवं समाजसेवा को केंद्र में रखकर आगे बढ़ने का सामूहिक संकल्प भी लिया गया।
महिला प्रकोष्ठ की सदस्यों ने कहा कि आने वाले समय में संगठन को केवल बैठकों तक सीमित न रखते हुए जमीनी स्तर पर समाजहित के कार्यों को गति दी जाएगी। धार्मिक आयोजनों में महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने के साथ समाज की जरूरतों के अनुरूप सेवा कार्यों को भी आगे बढ़ाया जाएगा।
नई कार्यकारिणी, नई जिम्मेदारियों और नए संकल्प के साथ ब्राह्मण समाज महिला प्रकोष्ठ तहसील छुरा ने धर्म, संस्कार, संस्कृति और सेवा के क्षेत्र में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया है।




