हल्कीड बारिश ने खोली व्यवस्था की पोल! दबंगई के आगे नतमस्तक प्रशासन, प्राथमिक विद्यालय बना ‘तालाब’*
हल्कीड बारिश ने खोली व्यवस्था की पोल! दबंगई के आगे नतमस्तक प्रशासन, प्राथमिक विद्यालय बना 'तालाब'*

*हल्कीड बारिश ने खोली व्यवस्था की पोल! दबंगई के आगे नतमस्तक प्रशासन, प्राथमिक विद्यालय बना ‘तालाब’*
_मासूमों के भविष्य पर ‘दबंगई’ का पानी!_
प्रतापगढ़ से आर के पांडे कि रिपोर्ट
*प्रतापगढ़।* उत्तर प्रदेश सरकार के ‘निपुण भारत’ और ‘पढ़ेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया’ के दावों की पोल मांधाता विकासखंड के टिकरी गांव में खुल गई है। महज हल्की बारिश में ही यहां स्थित प्राथमिक विद्यालय जलमग्न हो गया। स्कूल का प्रांगण से लेकर बरामदा तक गंदे पानी से लबालब भरा है।
कैसे होगी पढ़ाई?
विद्या के मंदिर के ही टापू बन जाने से पठन-पाठन ठप है। मासूम बच्चे बदबूदार पानी से होकर गुजरने को मजबूर हैं। पानी में सांप, कीड़े-मकोड़ों और बीमारियों का खतरा लगातार बना हुआ है। शिक्षक भी लाचार हैं कि पढ़ाएं तो कैसे।
असली वजह: दबंगों का अवैध कब्जा
स्कूल की इस दुर्दशा की वजह प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि मानव निर्मित दबंगई है। आरोप है कि गांव के कुछ रसूखदार लोगों ने जल निकासी की सरकारी जमीन पर मिट्टी डालकर नाले को अवरुद्ध कर दिया है। नाली बंद होने से बारिश का पानी बाहर न जाकर सीधे स्कूल में भर रहा है।
प्रशासनिक लाचारी या मिलीभगत?
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन सब जानते हुए भी मौन है। सवाल उठ रहा है कि तहसीलदार, बीडीओ और BSA किस हादसे का इंतजार कर रहे हैं?
ग्रामीणों की मांग
1. अवैध कब्जा हटाकर जल निकासी का मार्ग तुरंत बहाल किया जाए
2. सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो
3. स्कूल से पानी निकालने की तत्काल व्यवस्था की जाए
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो मामला बड़े जनाक्रोश का रूप ले सकता है।

