रेत से भरे ट्रैक्टर की कार्रवाई के बाद गरमाया मामला, समर्थन में पहुंचे अन्य हितग्राही और पार्षद; मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
रेत से भरे ट्रैक्टर की कार्रवाई के बाद गरमाया मामला, समर्थन में पहुंचे अन्य हितग्राही और पार्षद; मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी

रेत से भरे ट्रैक्टर की कार्रवाई के बाद गरमाया मामला, समर्थन में पहुंचे अन्य हितग्राही और पार्षद; मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
गरियाबंद। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनाने के लिए रेत की उपलब्धता का मुद्दा देवभोग में गरमा गया है। नगर पंचायत देवभोग के पीएम आवास हितग्राही सनत नागेश अपनी मांगों को लेकर एसडीएम कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए हैं। धरना स्थल पर उन्हें समर्थन देने के लिए अन्य आवास हितग्राही और पार्षद भी मौजूद हैं।
सनत नागेश की प्रमुख मांग है कि पीएम आवास निर्माण के लिए मंगाई गई रेत और उससे जुड़े उनके रिश्तेदार के वाहन को छोड़ दिया जाए। उनका कहना है कि आवास निर्माण के लिए रेत की व्यवस्था करना मुश्किल हो रहा है, जबकि निर्धारित समय में अपना घर तैयार करना हितग्राहियों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
सेवा सेतु शिविर के दौरान पकड़ा गया था रेत से भरा ट्रैक्टर
मिली जानकारी के अनुसार, 6 अक्टूबर को क्षेत्र में आयोजित सेवा सेतु शिविर के दौरान जिला खनिज अधिकारी ने रेत से भरे एक ट्रैक्टर को पकड़ा था। बताया जा रहा है कि यह रेत पीएम आवास हितग्राही के आवास निर्माण के लिए मंगाई जा रही थी। इसके बाद वाहन और रेत को लेकर विवाद सामने आया, जो अब धरने तक पहुंच गया है।
रेत की उपलब्धता पर उठे सवाल
हितग्राहियों का कहना है कि पीएम आवास के तहत मकान बनाने के लिए रेत आसानी से उपलब्ध नहीं हो पा रही है। ऐसे में निर्माण सामग्री जुटाना उनके लिए परेशानी का कारण बन रहा है।
वहीं, धरने को समर्थन दे रहे एक पार्षद ने खनिज विभाग की कार्रवाई और रेत परिवहन व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। पार्षद का आरोप है कि अवैध परिवहन करने वालों के साथ कथित संपर्क के बावजूद कम खर्च में रेत जुटाने की कोशिश करने वाले हितग्राहियों को कार्रवाई का सामना करना पड़ता है।
हालांकि, खनिज विभाग पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इस संबंध में विभाग का पक्ष सामने आना बाकी है।
मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
धरनारत हितग्राही और उनके समर्थक रेत तथा वाहन को छोड़ने की मांग पर अड़े हुए हैं। मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी गई है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और पीएम आवास हितग्राहियों को निर्माण सामग्री की उपलब्धता से जुड़ी परेशानी का क्या समाधान मिलता है।
एसडीएम ने कार्रवाई का दिया आश्वासन
देवभोग एसडीएम नेहा भेड़िया के अनुसार, उन्होंने दो दिन पहले ही जिला माइनिंग अधिकारी से संपर्क कर उचित कार्रवाई करने और संबंधित पक्ष को अवगत कराने के लिए कहा था। आज फिर इस मामले में बात की गई है। उन्होंने बताया कि मामला उनके क्षेत्राधिकार में है और आज की कार्रवाई से प्रार्थी को अवगत करा दिया जाएगा।



