अधुरे पुल को लेकर जागा प्रशासन लेकिन – सीगल सीढ़ी के बाद अब मौत का नया अस्थाई रास्ता व्यवस्था से बढ़ा खतरा
अधुरे पुल को लेकर जागा प्रशासन लेकिन - सीगल सीढ़ी के बाद अब मौत का नया अस्थाई रास्ता व्यवस्था से बढ़ा खतरा

अधुरे पुल को लेकर जागा प्रशासन लेकिन – सीगल सीढ़ी के बाद अब मौत का नया अस्थाई रास्ता व्यवस्था से बढ़ा खतरा

सेंट्रिंग प्लेट को जोड़कर ठेकेदार ने बनाई अस्थाई हिलते डोलते सीढ़ी पर आने जाने बच्चे और ग्रामीण मजबुर
ठेकेदार को तीन माह के भीतर पुल निर्माण पूर्ण करने का दिया निर्देश

गरियाबंद – गरियाबंद जिले के तहसील मुख्यालय मैनपुर से 05 किमी दूर ग्राम पंचायत देहारगुड़ा और खामभाठा के बीच पैरी नदी मे पिछले 4-5 वर्षो से करोड़ो रूपये की लागत से विशाल पुल का निर्माण लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग द्वारा किया जा रहा है। पुल निर्माण कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है और निर्माण स्थल पर न तो पुल निर्माण संबंधित किसी भी प्रकार के सूचना पटल नही लगाया गया है जिससे यह पता चल सके कि यह पुल का निर्माण कौन सा विभाग द्वारा और कितने की लागत से और कब तक पूरा करना है। बहरहाल लगातार बारिश के कारण नदी मे बाढ़ आने के कारण ग्रामीण और स्कूली छात्र इस अधुरे पुल मे जान जोखिम मे डालकर आना जाना करने मजबुर हो रहे है एक लोहे के सीढ़ी से अपने जान हथेली मे रखकर दर्जनो बच्चे इस पुल को पारकर देहारगुड़ा स्कूल पढ़ाई करने आ रहे है। खबर प्रकाशन के 06 दिनो बाद संबंधित विभाग के अफसर इस अधुरे पुल का निरीक्षण करने पहुंचे थे और ग्रामीणो से भी चर्चा किया साथ ही संबंधित ठेकेदार को तीन माह के भीतर दिसम्बर 2026 तक पुल निर्माण पूरा करने का आदेश दिया गया है।
*सिंगल सीढ़ी के बाद अब सेंट्रिंग प्लेट को जोड़कर हिलने वाला सीढ़ी बेहद खौफनाक* – बारिश मे नदी मे बाढ़ आने के कारण इस अधुरे पुल को लोहे के लगभग 20 फीट पतली सीढ़ी के सहारे बच्चे अधुरे पुल के उपर चढ़कर और दोनो तरफ 20 फीट गहरे गड्ढे के उपर लकड़ी के गत्तो के सहारे आना जाना करने मजबुर हो रहे थे और तो और ग्रामीण भी इसी तरह आना जाना कर रहे है इस खबर के प्रकाशन के बाद ग्रामीणो के द्वारा जानकारी दिया गया कि दो दिन पहले विभाग के बड़े अफसर पहुंचे थे और उन्होने अस्थाई आने जाने के लिए रास्ता बनाने का निर्देश दिया है साथ ही ठेकेदार को दिसम्बर 2026 तक पुल निर्माण पूर्ण करने का सख्त निर्देश दिया है लेकिन अफसरो के निरीक्षण कर जाने के बाद संबंधित निर्माण एजेंसी ठेकेदार के लोगो द्वारा सेंट्रिंग प्लेट को एक दूसरे से जोड़कर सीढ़ी बना दिया गया है जिसमे चलना तो दूर एक साथ बच्चे बैठ बैठकर उतर रहे है और यदि इसमे पैर फिसलता है तो बड़ी दुर्घटना की संभावना बनी हुई है।
*क्या कहते है अफसर* – लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग ब्रिज के एसडीओ एस के पंडोले ने बताया ठेकेदार को सख्ता हिदायत बड़े अफसरो द्वारा दिया गया है कि दिसम्बर तक पुल निर्माण पूरा किया जाये और ठेकेदार दो दिन पहले ही कार्य स्थल पर पहुंचे चुके है अस्थाई सीढ़ी का निर्माण कर लोगो को आने जाने मे सुविधा देने कहा गया है।
*विधायक जनक ध्रुव बेहद नराज* – बिन्द्रानवागढ़ विधायक जनक ध्रुव इस मामले को लेकर बेहद नराजगी जाहिर करते हुए कहा पूरा मामला सामने आने के बाद भी सरकार सोयी हुई है और कोई बड़ी दुर्घटना का इंतिजार कर रही है। उन्होने कहा प्रदेश मे सरकार नाम की कोई चीज नही है आदिवासी क्षेत्र के लोगो की चिंता किसी को नही है जिले के अफसर भी अब तक अधुरे पुल को देखने नही पहुंचे है ग्रामीण कैसे आना जाना कर रहे है इससे शासन प्रशासन को कोई लेना देना नही है।
*सरपंच ने कहा आंदोलन करने मजबुर* – ग्राम पंचायत के सरपंच महेश दीवान, पूर्व सरपंच डिगेश्वरी सांडे, पवन दीवान, सोहन नागेश एवं ग्रामीणो ने कहा अधुरे पुल मे बच्चो के साथ ग्रामीण जान जोखिम मे डालकर आना जाना कर रहे है लेकिन यह मामला सामने आने के बाद भी जिले के बड़े अफसर और बड़े जनप्रतिनिधि पुल का निरीक्षण करने तक नही पहुंचे है ग्रामीणो को उनके हाल मे छोड़ दिया गया है।



