आज के छात्र कल के लोकतंत्र के मशालधारक हैं-मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार
आज के छात्र कल के लोकतंत्र के मशालधारक हैं-मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार

आज के छात्र कल के लोकतंत्र के मशालधारक हैं-मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार
भारत निर्वाचन आयोग ने चेन्नई में युवा नागरिकों के बीच चुनावी साक्षरता और लोकतांत्रिक जागरूकता को मजबूत करने पर केंद्रित ष्इलेक्टरल लिटरेसी क्लब (ईएलसी 2.0) और इसाईनेटष् पर अपना तीसरा क्षेत्रीय सम्मेलन आयोजित किया। सभा को संबोधित करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने कहा कि आज के छात्र कल के लोकतंत्र के मशालधारक हैं। उन्होंने आगे कहा कि पूरे भारत में इलेक्टरल लिटरेसी क्लब (ईएलसी) दुनिया के सबसे पुराने और सबसे बड़े लोकतंत्र की रीढ़ को मजबूत करने में मदद करेंगे।

तमिलनाडु और पुडुचेरी के स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के छात्रों और शिक्षकों सहित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए, सीईसी श्री ज्ञानेश कुमार ने छात्रों को राष्ट्र का भविष्य बताया और इस बात पर जोर दिया कि युवा नागरिकों को जोड़ना, उनका विश्वास हासिल करना और चुनावी प्रक्रिया में उनकी सूचित भागीदारी सुरक्षित करना लोकतंत्र के भविष्य में एक निवेश है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने बताया कि भारत में चुनाव पूरी तरह से भारत के संविधान, कानून और ईसीआई द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार आयोजित किए जाते हैं और सभी चरणों में राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों या उनके प्रतिनिधियों के समवर्ती ऑडिट के तहत पारदर्शी रूप से संचालित किए जाते हैं। उन्होंने छात्रों और युवा मतदाताओं के लिए भारत की चुनावी प्रणाली, लोकतांत्रिक मूल्यों, मतदाता पंजीकरण, मतदान और मतगणना प्रक्रियाओं और भारत निर्वाचन आयोग की भूमिका व कार्यप्रणाली से परिचित होने की आवश्यकता पर बल दिया। लोकतंत्र सीखें। लोकतंत्र का नेतृत्व करें। (लर्न डेमोक्रेसी, लीड डेमोक्रोसी) टैगलाइन के साथ ईएलसी 2.0, स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में इलेक्टरल लिटरेसी क्लबों को संरचित, दृश्यमान और डिजिटली सक्षम प्लेटफॉर्म के रूप में पुनर्कल्पित करता है, जो युवाओं और पहली बार के मतदाताओं को लोकतंत्र को समझने और उसमें सार्थक रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करता है। व्यापक ई साइनेट डिजिटल प्लेटफॉर्म का लाभ उठाते हुए, जो रोल (नामांकन) से लेकर पोल (मतदान) तक सभी चुनाव-संबंधी सेवाएं प्रदान करता है, यह पहल समर्पित ईएलसी पोर्टल के माध्यम से निरंतर, वर्ष भर चुनावी साक्षरता गतिविधियों को संचालित करेगी, जिससे ईएलसी का एक सुव्यवस्थित अखिल भारतीय नेटवर्क तैयार होगा।
भारत के व्यापक शैक्षिक पारिस्थितिकी तंत्र को देखते हुए यह पहल महत्वपूर्ण हो जाती है, जिसमें लगभग 25 करोड़ छात्रों और 1 करोड़ से अधिक शिक्षकों के साथ लगभग 15 लाख स्कूल शामिल हैं। उच्च शिक्षा क्षेत्र में लगभग 1,500 विश्वविद्यालय और लगभग 70,000 शैक्षणिक संस्थान शामिल हैं, जिनमें अनुमानित 4.33 करोड़ छात्र नामांकित हैं।
इस व्यापक संस्थागत नेटवर्क के माध्यम से, ईएलसी 2.0 का उद्देश्य तथ्यात्मक और अनुभवात्मक चुनावी शिक्षा को बढ़ावा देना, भारत की चुनावी प्रणाली के बारे में जागरूकता बढ़ाना और युवा नागरिकों को सूचित लोकतांत्रिक भागीदारी का राजदूत बनने के लिए प्रोत्साहित करना है। ईएलसी मतदाता पंजीकरण, मतदान, मतगणना, ई साइनेट ऐप और अन्य प्रमुख ईसीआई पहलों के बारे में जानकारी का प्रसार भी करेंगे। इससे पहले दिन में, तमिलनाडु के 500 से अधिक बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के साथ एक संवादात्मक सत्र में, मुख्य निर्वाचन आयुक्त
ज्ञानेश कुमार ने बीएलओ को उनकी सेवा के लिए बधाई दी, जिसके परिणामस्वरूप राज्य में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसईआर) सुचारू रूप से पूरा हुआ। उन्होंने राज्य में हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में अब तक के उच्चतम मतदान (4.93 करोड़ डाले गए वोट और 86.03ः मतदान) के लिए भी उन्हें बधाई दी, जो राज्य के इतिहास में सबसे अधिक था।
बैठक के हिस्से के रूप में छात्रों और बीएलओ का सीईसी के साथ एक प्रश्नोत्तर सत्र हुआ। बीएलओ को इस बातचीत के माध्यम से सीधे अपनी शंकाओं को स्पष्ट करने का अवसर मिला।


