मूसलाधार बारिश बनी आफत: इंदागांव में भरभराकर गिरा कच्चा मकान, 5 लोग घायल, मां ने दूधमुंही बच्ची की बचाई जान
मूसलाधार बारिश बनी आफत: इंदागांव में भरभराकर गिरा कच्चा मकान, 5 लोग घायल, मां ने दूधमुंही बच्ची की बचाई जान
मूसलाधार बारिश बनी आफत: इंदागांव में भरभराकर गिरा कच्चा मकान, 5 लोग घायल, मां ने दूधमुंही बच्ची की बचाई जान

गरियाबंद_पूरे गरियाबंद जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश अब लोगों के लिए आफत बनती जा रही है। कई स्थानों पर जलभराव, सड़कें बाधित होने और कच्चे मकानों के क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसी बीच मैनपुर विकासखंड के इंदागांव ग्राम पंचायत के मेटपारा में मंगलवार देर रात तेज बारिश के चलते एक कच्चा मकान अचानक भरभराकर ढह गया। हादसे के समय घर के भीतर मौजूद एक ही परिवार के पांच सदस्य बाल-बाल बच गए, हालांकि मलबा गिरने से सभी को चोटें आईं।
घटना के बाद घर में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और मलबा हटाकर परिवार के सभी सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला। हादसे में रमेश नागेश को गंभीर अंदरूनी चोटें आई हैं। परिजनों के अनुसार, उनके गुप्तांग में भी चोट लगी है। वहीं 5 वर्षीय वर्षा नागेश के सिर में हल्की चोट आई है। घायल होने के बावजूद परिवार को समय पर उपचार की सुविधा नहीं मिल सकी।
मां ने दिखाई हिम्मत, दूधमुंही बच्ची को बचाया
हादसे के दौरान मकान गिरते ही मां ने अपनी दूधमुंही बच्ची को सीने से चिपका लिया, जिससे बच्ची सुरक्षित बच गई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कुछ पल की भी देर होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
रोजी-रोटी कमाने बाहर गए थे परिवार के मुखिया
बताया जा रहा है कि परिवार के मुखिया भोजलाल नागेश रोजी-रोटी कमाने के लिए बाहर गए हुए हैं। घर में उनकी पत्नी और बच्चे ही मौजूद थे। मकान पूरी तरह ढह जाने से परिवार बेघर हो गया है और लगातार हो रही बारिश के बीच खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है।
अब तक नहीं पहुंची कोई राहत
घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी न तो ग्राम पंचायत की ओर से कोई सहायता पहुंची है और न ही प्रशासन की टीम मौके पर राहत पहुंचाने पहुंची है। पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे मुश्किल हालात में समय बिताने को मजबूर है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत सामग्री, आर्थिक सहायता और अस्थायी आवास उपलब्ध कराने की मांग की है।
लगातार बारिश से बढ़ा खतरा
लगातार हो रही बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के कच्चे मकानों पर खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से संवेदनशील क्षेत्रों का सर्वे कर जरूरतमंद परिवारों को शीघ्र राहत उपलब्ध कराने की मांग की है।



