
सूक्ष्म खाद्य उद्यमों को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम: पीएमएफएमई योजना के तहत 35% तक सब्सिडी
हरियाणा/नई दिल्ली।
सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों के विकास को गति देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) उद्यमियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बनकर सामने आई है। इस योजना के अंतर्गत नए एवं मौजूदा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को पूंजी निवेश पर 35 प्रतिशत तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है, जिसकी अधिकतम सीमा 10 लाख रुपये तक है।
योजना का उद्देश्य असंगठित खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को संगठित करना, उनकी तकनीकी क्षमता बढ़ाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। PMFME योजना के तहत 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी भारतीय नागरिक आवेदन कर सकते हैं। व्यक्तिगत उद्यमी, स्वयं सहायता समूह (SHG), सहकारी समितियां, साझेदारी फर्म, प्रोड्यूसर कंपनियां और प्राइवेट लिमिटेड कंपनियां इस योजना के पात्र हैं।
सरकारी जानकारी के अनुसार, हरियाणा में अब तक 1700 से अधिक इकाइयों को इस योजना के अंतर्गत मंजूरी मिल चुकी है, जिससे प्रदेश में स्थानीय रोजगार सृजन और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को मजबूती मिली है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने MSME क्षेत्र की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा है कि भारत के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम न केवल देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन को सशक्त करने में भी अहम योगदान दे रहे हैं।
योजना से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए इच्छुक आवेदक pmfme.haryana@gmail.com पर संपर्क कर सकते हैं या +91 172 2996509 पर कॉल कर सकते हैं। साथ ही, QR कोड स्कैन कर ऑनलाइन आवेदन और विस्तृत दिशा-निर्देश भी प्राप्त किए जा सकते हैं।
यह योजना सूक्ष्म खाद्य उद्यमियों के लिए न केवल आर्थिक सहायता का माध्यम है, बल्कि उन्हें आधुनिक तकनीक, बेहतर ब्रांडिंग और बाज़ार से जोड़ने की दिशा में एक सशक्त पहल भी है।




