श्रीमद्भागवत कथा कलयुग में सभी पापों को नष्ट कर मानव जीवन का उद्धार करती है कथा व्यास विजयकांत तिवारी जी
श्रीमद्भागवत कथा कलयुग में सभी पापों को नष्ट कर मानव जीवन का उद्धार करती है कथा व्यास विजयकांत तिवारी जी

श्रीमद्भागवत कथा कलयुग में सभी पापों को नष्ट कर मानव जीवन का उद्धार करती है कथा व्यास विजयकांत तिवारी जी
प्रतापगढ़। विकासखण्ड मांधाता ग्रामसभा मनेहू मे चल रही संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा में कथावाचक भागवत भूषण विजयकांत तिवारी जी ने श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन मंगलवार को कथा में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने जीवन में सत्संग व शास्त्रों में बताए आदर्शों का श्रवण करने का आह्वान करते हुए कहा कि सत्संग में वह शक्ति है, जो व्यक्ति के जीवन को बदल देती है। श्रीमद्भागवत कथा कलयुग में सभी पापों को नष्ट कर मानव जीवन का उद्धार करती है। उन्होंने कहा कि व्यक्तियों को अपने जीवन में क्रोध, लोभ, मोह, हिंसा, संग्रह आदि का त्यागकर विवेक के साथ श्रेष्ठ कर्म करने चाहिए। कथा व्यास ने भागवत कथा के दौरान कपिल चरित्र, सती चरित्र, ध्रुव चरित्र, जड़ भरत चरित्र, नृसिंह अवतार आदि प्रसंगों पर प्रवचन करते हुए कहा कि भगवान के नाम मात्र से ही व्यक्ति भवसागर से पार उतर जाता है। उन्होंने भगवत कीर्तन करने, ज्ञानी पुरुषों के साथ सत्संग कर ज्ञान प्राप्त करने व अपने जीवन को सार्थक करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन में जाने अनजाने प्रतिदिन कई पाप होते है। उनका ईश्वर के समक्ष प्रायश्चित करना ही एक मात्र मुक्ति पाने का उपाय है। भजन मंडली संगीतवादन में शशिकांत, नीरज, राजू की ओर से प्रस्तुत किए गए “बिना राम भजे बेड़ा न पार होईहै” भजन पर श्रोता भाव विभोर होकर झूमने लगे।आरती के बाद प्रसाद का वितरण किया गया। इस अवसर पर कथा के मुख्य यजमान स्मृतिशेष इंदू सिंह एवं राजेंद्र बहादुर सिंह मौके पर अमर बहादुर सिंह,अजय कुमार सिंह, अशोक कुमार सिंह, अभय प्रताप सिंह, अमित प्रताप सिंह, प्रथम सिंह, ईशान सिंह यश कुमार, रामनरेश सिंह, विनय सिंह एवं समस्त सोमवंशी परिवार व राजकुमार शुक्ला,राममूर्ति शुक्ला, एडोकेट ज्ञानेंद्र मिश्र, जमुना पांडे, राधेश्याम गुरुजी,गिरजाशंकर,रमाशंकर सिंह मास्टर सहित भारी संख्या में सम्मानित क्षेत्रवासी,महिला, पुरुष ग्रामवासी व भागवत कथा प्रेमी भक्तगण मौजूद रहे।




