भाजपा सरकार में उड़िया-गाँड़ा समाज की उपेक्षा पर बढ़ा रोष — समाज प्रमुख बनमाली छुरा ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
केन्द्रीय गाँड़ा समाज का बयान

भाजपा सरकार में उड़िया-गाँड़ा समाज की उपेक्षा पर बढ़ा रोष — समाज प्रमुख बनमाली छुरा ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
रायपुर छत्तीसगढ़:-
छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की सरकार को दो वर्ष पूर्ण हो चुके हैं, किंतु अब तक उड़िया-गाँड़ा समाज को किसी भी आयोग, बोर्ड या संगठन में प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। इस गहरी उपेक्षा के कारण समाज में असंतोष और नाराज़गी बढ़ती जा रही है।
केन्द्रीय गाँड़ा समाज के मुखिया श्री बनमाली छुरा ने प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय विष्णु देव साय जी एवं भाजपा संगठन महामंत्री श्री पवन साय जी को पत्र लिखकर समाज के साथ हो रहे भेदभाव और पक्षपात की कड़ी निंदा की है।
उन्होंने कहा कि उड़िया गाँड़ा समाज के कार्यकर्ता हमेशा भाजपा के प्रति समर्पित रहे हैं — चुनावों में पार्टी का झंडा उठाकर हर गली, मोहल्ले और बूथ स्तर पर भाजपा को मज़बूती प्रदान की है। लेकिन सरकार बनने के बाद उन्हीं कार्यकर्ताओं और नेताओं की अनदेखी करना तथा उन्हें आपसी भेदभाव से बाँटना अन्यायपूर्ण और समाज के आत्मसम्मान पर आघात है।
श्री बनमाली छुरा ने बताया कि छत्तीसगढ़ में उड़िया समाज की आबादी लगभग 35 लाख है, जिसमें से करीब 25 लाख लोग गाँड़ा समाज से हैं। इतने बड़े समाज को सरकार में कोई ज़िम्मेदारी या प्रतिनिधित्व न मिलना अत्यंत निराशाजनक है। आज समाज के युवाओं जागरूक समझदार, है अपनी सामाजिक समस्याओ क़ो एकजुट होकर समाधान करेंगे,
उन्होंने बताया दी कि यदि शीघ्र ही समाज को सम्मानजनक प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया, तो गाँड़ा समाज अपने अधिकार और सम्मान की रक्षा हेतु लोकतांत्रिक मार्ग पर निर्णायक कदम उठाने के लिए बाध्य होगा। एवं गाँड़ा समाज का महाबैठक दिनांक 12/10/2025 क़ो रखी गई जिसमे कोर कमेटी का गठन कर समाज क़ो नई अलख जगाई जायेगी
> “सम्मान और प्रतिनिधित्व हर समाज का अधिकार है,
भेदभाव और उपेक्षा अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
— श्री बनमाली छुरा, मुखिया — केन्द्रीय गाँड़ा समाज छतीसगढ़ मोबाईल नंबर 7869806393


