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ग्राम सगड़ा के आलाभाटा में निकला विशाल अजगर, ग्रामीणों में दहशत

ग्राम सगड़ा के आलाभाटा में निकला विशाल अजगर, ग्रामीणों में दहशत

प्रधान संपादक खिरसिन्दुर नागेश

ग्राम सगड़ा के आलाभाटा में निकला विशाल अजगर, ग्रामीणों में दहशत

मैनपुर। ब्लॉक मुख्यालय मैनपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत सागढा के आश्रित ग्राम आलाभाटा में एक विशाल अजगर सांप के निकलने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। यह घटना धान कटाई के बाद सामने आई है, जब ग्रामीणों ने खेतों के पास अजगर को देखा। जानकारी के अनुसार, जंगल से लगे इस गांव में धान कटाई के बाद जंगली जानवरों और बड़े सर्पों जैसे अजगर, धामन, नाग और कोबरा का गांव की ओर आना बढ़ गया है।

 

जंगली जानवरों और सर्पों की बढ़ती गतिविधियां

 

धान कटाई के कारण खेत खाली हो गए हैं, जिससे जंगली जानवर और सर्प भोजन की तलाश में गांव की ओर रुख कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी इस प्रकार की घटनाएं होती रही हैं, लेकिन हाल के दिनों में इनकी संख्या में बढ़ोतरी हुई है। अजगर और अन्य जहरीले सांपों की मौजूदगी से ग्रामीण भयभीत हैं।

 

वन विभाग की त्वरित कार्रवाई

 

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और विशेषज्ञों की मदद से अजगर को रेस्क्यू किया। टीम ने अजगर को पकड़कर जंगल में सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया। वन विभाग के अधिकारी ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि किसी भी आपात स्थिति में विभाग पूरी तरह सतर्क है और तुरंत कार्रवाई करेगा।

 

ग्रामीणों की चिंता

 

ग्रामीणों ने बताया कि जंगली जानवरों और सर्पों का गांव में आना उनकी सुरक्षा के लिए खतरा बनता जा रहा है। छोटे बच्चों और मवेशियों को लेकर विशेष चिंता व्यक्त की जा रही है। ग्रामीणों ने वन विभाग से अपील की है कि ऐसे जानवरों को जंगल तक सीमित रखने के लिए और प्रभावी कदम उठाए जाएं।

 

वन विभाग की सलाह

 

वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और ऐसे किसी भी जंगली प्राणी के दिखने पर तुरंत सूचना देने की सलाह दी है। विभाग ने कहा कि धान कटाई के मौसम में जंगली जानवरों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं, इसलिए ग्रामीणों को सावधानी बरतनी चाहिए और जंगल के पास रात में अकेले जाने से बचना चाहिए।

 

ग्रामीणों को जागरूक करने की आवश्यकता

 

इस प्रकार की घटनाएं यह स्पष्ट करती हैं कि जंगल और गांव के बीच बढ़ते संपर्क को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है। वन विभाग के साथ-साथ पंचायत स्तर पर भी जागरूकता कार्यक्रम चलाने की मांग की जा रही है ताकि ग्रामीण इन खतरों से बचाव के उपाय जान सकें।

 

इस घटना ने न केवल ग्रामीणों में भय पैदा किया है बल्कि वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया है। वन विभाग ने भरोसा दिलाया है कि इस प्रकार की घटनाओं से निपटने के लिए उनकी टीम हमेशा तैयार है।

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