आवारा कुत्तों का आतंक: बच्चों पर हमला, डॉक्टरों ने दी सतर्कता बरतने की सलाह
आवारा कुत्तों का आतंक: बच्चों पर हमला, डॉक्टरों ने दी सतर्कता बरतने की सलाह
आवारा कुत्तों का आतंक:
बच्चों पर हमला, डॉक्टरों ने दी सतर्कता बरतने की सलाह
गरियाबंद जिले के अमलिपदर क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। आज बीरीघाट में एक पागल कुत्ते ने दो मासूम बच्चों को काट लिया, जिससे पूरे गांव में दहशत का माहौल है। परिजनों ने तुरंत बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें रेबीज वैक्सीन दी।
डॉक्टरों की चेतावनी:
अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि यदि किसी को कुत्ता काट ले तो बैग गुनिया (घरेलू उपचार) पर भरोसा न करें। तुरंत नजदीकी अस्पताल में जाकर रेबीज का इलाज कराएं और आवश्यक वैक्सीन लगवाएं। डॉक्टरों ने बताया कि पागल कुत्ते आमतौर पर इंसानों को देखकर भौंकते हैं और दौड़ते हैं। ऐसे कुत्तों से बचना बेहद जरूरी है क्योंकि उनमें रेबीज होने की संभावना अधिक होती है।
पंचायत की अपील:
गांव की पंचायत ने आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरे पर चिंता व्यक्त की है और सभी ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है। पंचायत ने सुझाव दिया है कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण के लिए उपाय किए जाएं और इस समस्या के समाधान के लिए प्रशासन से मदद मांगी जाए।
ग्रामीणों की समस्या:
गांव के लोग आवारा कुत्तों के हमलों से परेशान हैं। बच्चों और बुजुर्गों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा कुत्तों को पकड़ने और उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
डॉक्टरों की सलाह:
कुत्ते के काटने के तुरंत बाद प्रभावित जगह को साबुन और पानी से साफ करें।
बिना देरी के अस्पताल जाएं और रेबीज का टीका लगवाएं।
पागल कुत्तों से दूर रहें और सतर्क रहें।
बीरीघाट,अमलीपदर और आसपास के क्षेत्रों में आवारा कुत्तों का यह आतंक लोगों के लिए बड़ी समस्या बनता जा रहा है। प्रशासन और स्थानीय संस्थाओं से इस विषय में ठोस कदम उठाने की उम्मीद की जा रही है।