खाद चोरी पर ग्रामीणों का ‘अनूठा इंसाफ’! चोरों के कंधे पर यूरिया की बोरी बांधी, गाजे-बाजे के साथ पूरे गांव में निकाला जुलूस
खाद चोरी पर ग्रामीणों का ‘अनूठा इंसाफ’! चोरों के कंधे पर यूरिया की बोरी बांधी, गाजे-बाजे के साथ पूरे गांव में निकाला जुलूस

: खाद चोरी पर ग्रामीणों का ‘अनूठा इंसाफ’! चोरों के कंधे पर यूरिया की बोरी बांधी, गाजे-बाजे के साथ पूरे गांव में निकाला जुलूस
हेमचंद नागेश कि रिपोर्ट
मैनपुर_गरियाबंद जिले के अंतिम छोर और ओड़िशा राज्य की सीमा से सटे मैनपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत गौरगांव के आश्रित गांव झोलाराव में चोरी की एक घटना और उसके बाद ग्रामीणों द्वारा दी गई सजा पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।ओर वीडियो जम कर वायरल हो रही है।

यहां ग्रामीणों ने खाद चोरी के दो आरोपियों को रंगेहाथ पकड़ने के बाद पुलिस को सौंपने के बजाय उन्हें अपने स्तर पर एक ‘अनोखी सजा’ दे डाली। दोनों आरोपियों के कंधों पर चोरी की गई यूरिया खाद की बोरियां रस्सी से बांध दी गईं और गाजे-बाजे के साथ पूरे गांव की बस्ती में उनका जुलूस निकाला गया।
गांव के ही एक किसान के घर से यूरिया खाद की दो बोरियां चोरी हो गई थीं। चोरी का आरोप प्रभु और कृष्णा नामक दो युवकों पर लगा है। बताया जा रहा है कि दोनों आरोपी किसान के घर से खाद की बोरियां चुराने के बाद उसे ठिकाने लगाने और बेचने की फिराक में थे।
इसी दौरान कुछ ग्रामीणों को उनकी इस हरकत की भनक लग गई। ग्रामीणों ने सतर्कता दिखाते हुए घेराबंदी की और दोनों युवकों को चोरी के माल (यूरिया की बोरियों) के साथ रंगेहाथ पकड़ लिया। जब ग्रामीणों ने कड़ाई से पूछताछ की, तो चोरी की बात सच साबित हुई। जिसके बाद ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गई और मौके पर ही फैसला लिया गया कि इन्हें ऐसी सजा दी जाए जो एक नजीर बने।
इसके बाद ग्रामीणों ने दोनों आरोपियों दी सजा -प्रभु और कृष्णा के कंधों पर उसी यूरिया की बोरी को रस्सियों से कसकर बांध दिया जिसे उन्होंने चुराया था। सजा को सार्वजनिक रूप से प्रभावी बनाने के लिए ग्रामीणों ने बाजे-गाजे का भी इंतजाम किया। इसके बाद ढोल-नगाड़ों की थाप के साथ आरोपियों को पूरे झोलाराव गांव की बस्ती में पैदल घुमाया गया। इस दौरान गांव के बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सभी इस घटना को देखने के लिए घरों से बाहर आ गए।
चोरी का आरोप या ग्रामीणों का ‘अनोखा फैसला’?
झोलाराव की यह घटना अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों की इस कार्रवाई को लेकर गांव में अलग-अलग तरह की बातें सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे चोरी के खिलाफ ग्रामीणों की सख्ती बता रहे हैं, तो वहीं यह सवाल भी उठ रहा है कि कानून हाथ में लेने के बजाय ऐसे मामलों में पुलिस को सूचना देना ही उचित प्रक्रिया है।
फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम में प्रभु और कृष्णा पर लगे चोरी के आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। ग्रामीणों द्वारा दोनों युवकों को सार्वजनिक रूप से घुमाए जाने का वीडियो भी सामने आने की बात कही जा रही है, जिसके बाद मामला और चर्चा में आ गया है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि इस मामले में पुलिस की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है और चोरी के आरोपों की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।



