उत्तर प्रदेश

प्रतापगढ़ में पुलिस-जनप्रतिनिधि समन्वय गोष्ठी: कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने पर जोर

प्रतापगढ़ में पुलिस-जनप्रतिनिधि समन्वय गोष्ठी: कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने पर जोर

प्रधान संपादक खिरसिन्दुर नागेश प्रधान संपादक खिरसिन्दुर नागेश

प्रतापगढ़ में पुलिस-जनप्रतिनिधि समन्वय गोष्ठी: कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने पर जोर

 

प्रतापगढ़ से प्रशांत दुबे कि रिपोर्ट 

जनपद में कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा पुलिस-जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को पुलिस लाइन स्थित सभागार में मासिक समन्वय गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने की, जिसमें जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।

 

बैठक का मुख्य उद्देश्य जनता से जुड़ी समस्याओं का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करना तथा कानून व्यवस्था को मजबूत बनाना रहा।

 

जनशिकायतों के त्वरित निस्तारण पर जोर

 

गोष्ठी में पुलिस अधीक्षक ने जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई समस्याओं को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि उनके माध्यम से प्राप्त सभी शिकायतों का समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है और हर स्तर पर तत्परता से कार्रवाई की जाएगी।

 

अपराध नियंत्रण पर विस्तृत चर्चा

 

बैठक के दौरान हाल के दिनों में हुई आपराधिक घटनाओं, विशेषकर चोरी और नकबजनी के मामलों पर चर्चा हुई। पुलिस अधीक्षक ने इन घटनाओं पर नियंत्रण के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी। वहीं जनप्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सुझाव प्रस्तुत किए।

 

यातायात व्यवस्था और अतिक्रमण पर मंथन

 

शहर और कस्बों में बढ़ती यातायात समस्याओं और अवैध अतिक्रमण को लेकर भी गोष्ठी में चर्चा हुई। पुलिस प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने और अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया।

 

महिला सुरक्षा और ‘मिशन शक्ति’ पर विशेष फोकस

 

महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे मिशन शक्ति अभियान को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। इस दिशा में जागरूकता और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की बात कही गई।

 

संवाद से बढ़ेगा भरोसा

 

गोष्ठी को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने कहा कि जनप्रतिनिधि लोकतंत्र की अहम कड़ी हैं और जनता की आवाज़ हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस और जनप्रतिनिधियों के बीच निरंतर संवाद से कानून व्यवस्था बेहतर होती है, अपराधियों में भय पैदा होता है और आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत होती है।

 

 

यह गोष्ठी प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय का उदाहरण बनी, जिससे भविष्य में जनपद की कानून व्यवस्था को और सुदृढ़ करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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