Uncategorized

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झरगांव के स्कूल में मनाया गया रक्षाबंधन का त्योहार:छात्राओं ने छात्रों को, बांधी राखी

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झरगांव के स्कूल में मनाया गया रक्षाबंधन का त्योहार:छात्राओं ने छात्रों को, बांधी राखी

प्रधान संपादक खिरसिन्दुर नागेश

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झरगांव के स्कूल में मनाया गया रक्षाबंधन का त्योहार:छात्राओं ने छात्रों को, बांधी राखी

 

 

 

 

 

गरियाबंद/मैनपुर रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के बीच अटूट प्रेम का प्रतीक है। यह विश्वास और सुरक्षा का पर्व माना जाता है। इस पर्व पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनसे सुरक्षा की अपेक्षा करती हैं।

 

 

 

 

 

सोमवार को मैनपुर विकासखंड के झरगांव शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में रक्षाबंधन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय की छात्राओं ने छात्रों को राखी बांधी। उन्होंने उन्हें धर्म का भाई मानकर भविष्य में संकट के समय सुरक्षा की अपेक्षा व्यक्त की। साथ ही छात्राओं ने अपने स्कूल परिसर में लगे पेड़ पौधों को भी रक्षा सूत्र बांध कर जीवन भर रक्षा करने की संकल्प ली

 

रक्षाबंधन से जुड़ी कई पौराणिक कथाएं हैं। एक कथा के अनुसार, जब इंद्र वृत्तासुर राक्षस से युद्ध हारने वाले थे, तब उनकी पत्नी इंद्राणी ने उन्हें राखी बांधकर विजय का आशीर्वाद दिया था।

 

एक अन्य कथा में, लक्ष्मी जी ने राजा बलि को राखी बांधी थी। इतिहास में, राजमाता कर्णावती ने संकट के समय अपने राज्य की रक्षा के लिए हुमायूं को राखी भेजी थी। हुमायूं ने उन्हें बहन मानकर सुरक्षा प्रदान की थी।

 

द्वापर काल में, जब श्री कृष्ण की उंगली चक्र सुदर्शन से कट गई थी, तब द्रौपदी ने अपनी साड़ी फाड़कर उनकी उंगली पर पट्टी बांधी थी। बाद में, जब द्रौपदी का चीरहरण हो रहा था, तब श्री कृष्ण ने उनकी सहायता की थी।

 

इन पौराणिक कथाओं से प्रेरित होकर, रक्षाबंधन का त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है। यह त्योहार दर्शाता है कि केवल रक्त संबंध ही नहीं, बल्कि धर्म के भाई को भी राखी बांधकर सुरक्षा की उम्मीद की जा सकती है।

Advertisment

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button
error: Content is protected !!