
लगातार अपने मांग को लेकर आक्रोश स्वास्थ संविदा कर्मियों ने राज्य सरकार के खिलाफ एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है जिसके चलते गांव गांव में स्वास्थ सुविधा पूरी तरह चरमरा गई है उल्लेखनीय हो की राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मचारी अपनी ग्रेड पे निर्धारित लंबित 27 प्रतिशत वेतन वृद्धि नियमित भर्ती में सीटों पर आरक्षण अनुकंपा नियुक्ति जैसे 10 सूत्रीय मांग को लेकर बीते 19 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दिया है इसी तर्ज पर आज देवभोग के संविदा स्वास्थ कर्मचारियों ने भी मुख्यालय के सामुदायिक भवन के बाहर तख्ती पोस्टर नारेबाजी के साथ आंदोलन पर डटे रहे इस बीच संविदा स्वास्थ कर्मचारियों संघ के ब्लॉक प्रमुख सौरव पांडे ने कहा कि लगातार अपनी जायज मांग को लेकर बीच बीच शासन को अवगत कराते रहे लेकिन अब तक कोई पहल नहीं हो पाया जबकि पिछले हड़ताल के दौरान स्वास्थ कर्मचारियों ने सिर्फ मौखिग आश्वासन पर ही हड़ताल को खत्म कर दिया था इसके अलावा काला पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन भी समाप्त कर दिया रहा बावजूद इसके सरकार छलावा निंदनीय है और इससे आहत मजबूर स्वास्थ कर्मचारियों ने आंदोलन का रास्ता अख्तियार किया है लेकिन इस बार आर या पार की लड़ाई होगी क्योंकि कईओ बार खोखली आश्वासन ने हड़ताल को समाप्त कर दिया इसके साथ अन्य स्वास्थ कर्मचारियों का कहना है कि हम भी अन्य स्वास्थ कर्मियों की तरह 24 घंटा सेवा देते है अपनी जिंदगी की परवाह किए कई मुसीबतों को झेला है फिर भी सरकार ने ध्यान नहीं दिया किया हम सविलीयन एवं स्थायीकरण के हकदार नहीं है किया हम अवकाश चिकित्सा बीमा 27 प्रतिशत वेतन वृद्धि के साथ हमारे घर वाले अनुकंपा की पात्रता नहीं रखते गांव से लेकर शहर तक स्वास्थ कर्मचारियों की मांग जायज ठहरा रहे है फिर भी सरकार का भेदभाव रवैया समझ से बाहर है