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तेंदुआ खाल तस्करों पर नबरंगपुर वनमंडल के वाइल्डलाइफ स्क्वाड, उदंती-सीतानदी की एन्टी पोचिंग टीम एवं डी. आर. आई का ओडिशा में संयुक्त ऑपरेशन माननीय, श्री केदार कश्यप जी मंत्री वन एवं जलवायु परिवर्तन छत्तीसगढ़, श्री सुधीर अग्रवाल प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) रायपुर छत्तीसगढ़, श्रीमति सतोविशा समाजदार मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) रायपुर, श्री वरुण जैन उपनिदेशक उदंती सीतानदी टायगर रिजर्व श्री शुभेदु कुमार बेहेरा वनमंडलाधिकारी (नबरंगपुर) एवं डी.आर.आई (रायपुर) के कुशल मार्गदर्शन में वाइल्डलाइफ जस्टिस कमीशन इंडिया से प्राप्त छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा (उदंती सीतानदी टाइगर रिज़र्व के इको सेंसिटिव जोन से लगा हुआ क्षेत्र) में तस्करी की सूचना के आधार पर दिनांक 22.11.2024 को एन्टीपोचिंग टीम उदंती सीतानदी टाईगर रिजर्व (छ.ग.). नवरंगपुर वनमंडल एवं डी. आर. आई रायपुर के साथ संयुक्त टीम गठित कर उमरकोट परिक्षेत्र के करका सेक्शन के उदयपुर हाथिबेना मार्ग पर तेंदुआ की खाल के साथ चमरा गोंड पिता रघु, खेदुराम पिता कुमार हरिजन, मंगलदास पिता लोकनाथ हरिजन को मौके से पकड़ा गया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने तेंदुआ खाल को 1 वर्ष पूर्व का बताया एवं अन्य आरोपियों के भी शामिल होने की बात बताई । तेंदुआ खाल की सर से पूँछ तक की कुल लम्बाई 195 सेंटीमीटर थी एवं प्रथम दृष्टया जहर देकर शिकार करना पाया गया। आरोपियों से 01 नग मोटर सायकल, 03 नग मोबाईल भी जप्त किये गये। तीनों आरोपियों को पकड़कर विस्तृत पूछताछ के लिए रायघर परिक्षेत्र कार्यालय (जिला नबरंगपुर) लाया गया एवं प्रकरण क्रमांक 131 of 2024-25 दर्ज किया गया। प्रकरण में फरार छत्तीसगढ़-ओडिशा बॉर्डर पर सक्रीय अन्य तस्करों/ आरोपियों एवं वन्यप्राणी अवयवो की तलाश जारी है। इस कार्यवाही में डी.आर.आई रायपुर, गरियाबंद पुलिस के साइबर सेल प्रभारी सतीश यादव, उदंती सीतानदी टाईगर रिजर्व की एन्टी पोचिंग की टीम के नोडल अधिकारी श्री गोपाल कश्यप सहायक संचालक उदंती (मैनपुर), श्री सुबाश चन्द्र खुटिया (सहायक वन संरक्षक, नबरंगपुर), श्री सुशील कुमार सागर वन परिक्षेत्र अधिकारी इंदागांव (धुरवागुड़ी) बफर, मोहम्मद अब्दुल समाद उप-परिक्षेत्र अधिकारी रायघर, श्री राकेश परिहार परिक्षेत्र अधिकारी तौरंगा, लालू बिसोई, प्रकाश सरकार, भवानी बिसोई, ऋषि ध्रुव, सुधांशु वर्मा, फलेश्वर दिवान, भूपेंद्र भेड़िया, पुनीत ध्रुव, देवीसिंह एवं वन अमले का विशेष योगदान रहा।

तेंदुआ खाल तस्करों पर नबरंगपुर वनमंडल के वाइल्डलाइफ स्क्वाड, उदंती-सीतानदी की एन्टी पोचिंग टीम एवं डी. आर. आई का ओडिशा में संयुक्त ऑपरेशन

प्रधान संपादक खिरसिन्दुर नागेश

माननीय, श्री केदार कश्यप जी मंत्री वन एवं जलवायु परिवर्तन छत्तीसगढ़, श्री सुधीर अग्रवाल प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) रायपुर छत्तीसगढ़, श्रीमति सतोविशा समाजदार मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) रायपुर, श्री वरुण जैन उपनिदेशक उदंती सीतानदी टायगर रिजर्व श्री शुभेदु कुमार बेहेरा वनमंडलाधिकारी (नबरंगपुर) एवं डी.आर.आई (रायपुर) के कुशल मार्गदर्शन में वाइल्डलाइफ जस्टिस कमीशन इंडिया से प्राप्त छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा (उदंती सीतानदी टाइगर रिज़र्व के इको सेंसिटिव जोन से लगा हुआ क्षेत्र) में तस्करी की सूचना के आधार पर दिनांक 22.11.2024 को एन्टीपोचिंग टीम उदंती सीतानदी टाईगर रिजर्व (छ.ग.). नवरंगपुर वनमंडल एवं डी. आर. आई रायपुर के साथ संयुक्त टीम गठित कर उमरकोट परिक्षेत्र के करका सेक्शन के उदयपुर हाथिबेना मार्ग पर तेंदुआ की खाल के साथ चमरा गोंड पिता रघु, खेदुराम पिता कुमार

हरिजन, मंगलदास पिता लोकनाथ हरिजन को मौके से पकड़ा गया।

 

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने तेंदुआ खाल को 1 वर्ष पूर्व का बताया एवं अन्य आरोपियों के भी शामिल होने की बात बताई । तेंदुआ खाल की सर से पूँछ तक की कुल लम्बाई 195 सेंटीमीटर थी एवं प्रथम दृष्टया जहर देकर शिकार करना पाया गया। आरोपियों से 01 नग मोटर सायकल, 03 नग मोबाईल भी जप्त किये गये।

 

तीनों आरोपियों को पकड़कर विस्तृत पूछताछ के लिए रायघर परिक्षेत्र कार्यालय (जिला नबरंगपुर) लाया गया एवं प्रकरण क्रमांक 131 of 2024-25 दर्ज किया गया। प्रकरण में फरार छत्तीसगढ़-ओडिशा बॉर्डर पर सक्रीय अन्य तस्करों/ आरोपियों एवं वन्यप्राणी अवयवो की तलाश जारी है।

 

इस कार्यवाही में डी.आर.आई रायपुर, गरियाबंद पुलिस के साइबर सेल प्रभारी सतीश यादव, उदंती सीतानदी टाईगर रिजर्व की एन्टी पोचिंग की टीम के नोडल अधिकारी श्री गोपाल कश्यप सहायक संचालक उदंती (मैनपुर), श्री सुबाश चन्द्र खुटिया (सहायक वन संरक्षक, नबरंगपुर), श्री सुशील कुमार सागर वन परिक्षेत्र अधिकारी इंदागांव (धुरवागुड़ी) बफर, मोहम्मद अब्दुल समाद उप-परिक्षेत्र अधिकारी रायघर, श्री राकेश परिहार परिक्षेत्र अधिकारी तौरंगा, लालू बिसोई, प्रकाश सरकार, भवानी बिसोई, ऋषि ध्रुव, सुधांशु वर्मा, फलेश्वर दिवान, भूपेंद्र भेड़िया, पुनीत ध्रुव, देवीसिंह एवं वन अमले का विशेष योगदान रहा।

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